ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Politics : 'नीतीश कुमार का कार्यकाल हमेशा से बेदाग रहा...', बोले अमित शाह- केंद्र आने से बिहार और देश दोनों को होगा फायदा नीतीश कुमार के फैसले से पैतृक गांव कल्याण बिगहा के लोगों में भारी नाराजगी, BJP को दे दी यह बड़ी चेतावनी नीतीश कुमार के फैसले से पैतृक गांव कल्याण बिगहा के लोगों में भारी नाराजगी, BJP को दे दी यह बड़ी चेतावनी UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव: अब UPI ID या मोबाइल नंबर डालकर नहीं कर पाएंगे भुगतान, जानें नया तरीका BIHAR NEWS : बिहार में BJP का उदय ! पढ़िए JDU के आगे 'सीनियर' बनने की पूरी टाइमलाइन; कब कैसे बदली रणनीति MPs Salary: राज्यसभा सांसदों को मिलती है कितनी सैलरी? जानिए सुविधाएं और उनके अधिकार BIHAR NEWS : बिहार के नए युग की नई तस्वीर ! CM आवास के इस फोटो में छिपा बड़ा संदेश, जानिए क्या है इसके राजनीतिक मायने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? Bihar News : 20 साल तक बिहार में चला Nitish Kumar का जादू, BJP से गठबंधन कई बार बिगड़ा और कई बार बना; पढ़िए क्या रहा है हिस्ट्री

सड़क पर गड्ढा दिखे तो QR कोड स्कैन करें, तुरंत होगा एक्शन, नीतीश सरकार की नई पहल

QR कोड स्कैन करने पर नागरिक संबंधित सड़क की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सड़क पर गड्ढे, टूट-फूट या अन्य खामियों की तस्वीरें खींचकर फीडबैक विंडो के माध्यम से अपलोड कर सकेंगे। यह फीडबैक सीधे विभागीय प्रणाली में दर्ज होगा।

23-Dec-2025 09:03 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार में अब खराब सड़कों को लेकर आम लोग सीधे विभाग तक शिकायत दर्ज करा सकेंगे। नीतीश सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों के रख-रखाव को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किया है।


ग्रामीण कार्य विभाग ने इस संबंध में सभी कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार, ई-मार्ग (eMARG) पोर्टल से जनरेट किए गए QR कोड को सड़क किनारे लगे रख-रखाव सूचना बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा।


QR कोड स्कैन करने पर नागरिक संबंधित सड़क की पूरी जानकारी देख सकेंगे और सड़क पर गड्ढे, टूटे-फूटे सड़क या अन्य खामियों की तस्वीरें खींचकर फीडबैक विंडो के माध्यम से अपलोड कर सकेंगे। यह फीडबैक सीधे विभागीय प्रणाली में दर्ज होगा। फिलहाल यह व्यवस्था बिहार के सीवान, सुपौल, जमुई, गया और मुंगेर जिलों में शुरू की गई है। जल्द ही इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।


ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव इंजीनियर निर्मल कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पीएमजीएसवाई सड़कों के रख-रखाव को तकनीक-सक्षम बनाना है। नागरिकों द्वारा भेजी गई तस्वीरों और फीडबैक को नियमित निरीक्षण (RI) से जोड़ा जाएगा।


इन तस्वीरों का विश्लेषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक के माध्यम से किया जाएगा, जिससे इंजीनियरिंग स्टाफ के प्रदर्शन मूल्यांकन में भी मदद मिलेगी। इसके आधार पर संबंधित अभियंता समयबद्ध रूप से सड़क मरम्मत और रख-रखाव से जुड़े निर्णय ले सकेंगे। इस नई व्यवस्था से सड़क से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा और आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।