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02-Feb-2026 07:27 PM
By First Bihar
PATNA: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव सीके अनिल ने हड़ताल पर गये अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों को मंत्री विजय कुमार सिन्हा के सामने हड़काते हुए कहा कि कल तक हड़ताल वापस नहीं किये तो डिसमिस हो जाओंगे। जिसके बाद अंचलाधिकारियों ने हड़ताल खत्म करने की बातें कही।
पटना में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव सीके अनिल ने हड़ताल पर गए अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों को मंत्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में कड़ी चेतावनी दी। सीके अनिल ने कहा कि अगर अंचलाधिकारी कल तक हड़ताल वापस नहीं लेते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें डिसमिस कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में अनुशासन और सेवा नियमों का पालन अनिवार्य है। इस बयान के बाद अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों में गंभीरता देखने को मिली।
बिहार राजस्व सेवा संघ के आह्वान पर बिहार के सभी अंचलों के अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) आज सोमवार, 2 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। पटना के BRSA भवन में आयोजित सभा में बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारी इकट्ठा हुए। आज शाम सीओ के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगे रखी। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा। जिसके बाद पदाधिकारियों ने कहा कि हड़ताल खत्म करेंगे।
बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हमारा प्रयास है कि उनका जो सही डिमांड है, उस पर गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे। जो काम करता है, ईमानदारी से मेहनत करता है, हम वैसे लोगों का सम्मान करते हैं, वैसे लोगों का मनोबल नहीं गिरे यह हमारी जिम्मेवारी भी है।
उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे लोग भी है, गलत लोग भी है। गलत लोगों की संख्या कम है। हमने सारी विषयों पर चर्चा की है हमने कमिटी बनाने की बात कही है। अब कमिटी ही तय करेगी कि इनके प्रमोशन इनकी सेवा में सारी विषयों पर नियमानुकुल वो देखेंगे और देखकर उसका समाधान करेंगे। तीन स्तरीय कमिटी रहेगी। सेक्रेटरी, अपर सचिव और एक उनके सेवा से रहेंगे और सारी बिन्दुओं की समीक्षा करेंगे। उनका भी दर्द सही प्रतीत लगता है, नियम के अनुसार उसकी भी हम समीक्षा करेंगे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि हमने उनसे कहा कि बिहार में भूमि विवाद को खत्म करने के लिए सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम मिलकर काम करें। कई लोग कई तरह से बरगलाना चाहेंगे हमलोगों को उसमें नहीं फंसना है। जनता के विश्वास पर खड़ा उतरने का प्रयास करेंगे। इतने वर्षों के बाद सही नियत की सही सरकार समस्या का सही समाधान के लिए संकल्पित है। और डबल इंजन की सरकार सबका साथ सबका विश्वास सबका विकास सबका प्रयास और सबका सम्मान के साथ आगे बढ़ेगी। इन लोगों की भी नियम के तहत जो अधिकार आता है उसके समाधान के लिए हम लगेंगे। पदाधिकारियों ने कहा है कि हड़ताल खत्म करेंगे।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अंचलाधिकारी के जमीन लॉ एंड ऑर्डर तनाव सामाजिक प्रेशर रहता है। हमने कहा है कि पूरी सजगता के साथ गंभीरता के साथ हम समाधान करेंगे। बिहार के लोग अनुदान से वंचित है। कई तरह की नई नई समस्याओं के चलते परिमार्जन, दाखिल खारिज, भूमि विवाद, अतिक्रमण सहित कई मामले सामने आ रहे हैं। चमत्कार एक दो दिन में नहीं हो सकता है। चमत्कार से ज्यादा हमलोग काम पर विश्वास करते हैं। सरकार आपके सम्मान में कमी नहीं आने देगी नियम के साथ पूरा काम होगा।
हड़ताल पर जाने का कारण
हड़ताल की मुख्य वजह बिहार राजस्व सेवा संवर्ग नियमावली 2010 का अनुपालन था। संघ की मांग थी कि राजस्व सेवा के अधिकारियों को डीसीएलआर (DCLR) और भू-अर्जन पदाधिकारी के पदों पर पदस्थापित किया जाए। वर्तमान में इन पदों पर बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारियों का कब्जा है, जिसे लेकर बिहार प्रशासनिक सेवा और बिहार राजस्व सेवा संघ के बीच लंबे समय से 'शीतयुद्ध' जारी है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा हाल ही में जारी एक अधिसूचना, जिसमें 'अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी' के नाम का उल्लेख है, जिसने आग में घी डालने का काम किया। संघ का कहना है कि यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है और पूर्व में मुख्य सचिव को भी इससे अवगत कराया जा चुका है, लेकिन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अधिकारियों को हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।
इस आंदोलन को 'यूनाइटेड बिहार राजस्व सेवा संघ' (बिरसा यूनाइटेड) का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है। बिरसा यूनाइटेड के अध्यक्ष आदित्य शिवम शंकर ने सीओ और आरओ के इस फैसले का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और विभागीय प्रधान सचिव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं होगा, राजस्व कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण जिले में दाखिल-खारिज (Mutation), जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र का निर्गमन, अतिक्रमण हटाओ अभियान और भू-सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप रहेगा। लेकिन मंत्री से मिलने के बाद पहले ही दिन पदाधिकारियों ने हड़ताल खत्म करने की बात कही है।