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10-Feb-2026 02:22 PM
By First Bihar
Bihar Assembly : बिहार विधान परिषद की नेता विपक्ष राबड़ी देवी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद की गरिमा को भूल गए हैं, और ऐसे में उनके बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं है। राबड़ी देवी का कहना है कि जब मुख्यमंत्री खुद नियम और मर्यादा की सीमाओं को भूल जाते हैं, तो आम जनता और विपक्षी नेताओं से उनसे उम्मीद रखना सही नहीं है।
आज बिहार विधान परिषद के पोर्टिको के बाहर पत्रकारों ने राबड़ी देवी से सवाल किया कि क्या वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी मांगने की मांग करती हैं। इस पर राबड़ी देवी ने स्पष्ट कहा कि वह कई बार कह चुकी हैं कि जब मुख्यमंत्री पद की गरिमा ही भूल गए हैं, तो उनसे किसी प्रकार की अपेक्षा रखना व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि यह सब जनता ने स्वयं देखा है कि मुख्यमंत्री सदन में किस तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं, और यह बात किसी से छिपी नहीं है।
राबड़ी देवी ने आगे कहा कि सदन में लड़के और लड़कियों के बारे में जो टिप्पणी की जाती है, वह बेहद आपत्तिजनक होती है। उन्होंने सवाल किया कि लोग क्या बोलते हैं और क्या नहीं बोलते, इसका अंदाजा लगाना कठिन नहीं है। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री की भाषा और व्यवहार से साफ़ पता चलता है कि वे अपने पद की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज कर रहे हैं।
इधर, विधान परिषद ने राबड़ी देवी और उनके सहयोगियों को एक दिन के सस्पेंशन का सामना करना पड़ा। इस संबंध में राबड़ी देवी ने कहा कि सभापति महोदय का आदेश है कि उन्हें 12 घंटे के लिए परिषद में उपस्थित नहीं होना है, और वे इस आदेश का सम्मान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब सभापति ने उन्हें सस्पेंड किया है, तो फिर वे सदन में कैसे जा सकती हैं। राबड़ी देवी ने यह भी जोड़ा कि सभापति के नियमों का पालन करना अनिवार्य है, और विपक्ष को भी इसका सम्मान करना चाहिए।
बहरहाल, इस पूरे मामले ने बिहार विधानसभा और विधान परिषद में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। राबड़ी देवी जैसे वरिष्ठ नेता अपनी बातें मजबूती से रखकर सदन में विपक्ष की भूमिका को सशक्त बना रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके सहयोगियों के लिए यह चुनौती बनी हुई है कि वे इस विवाद को किस प्रकार संभालते हैं और जनता के सामने अपनी कार्यशैली की व्याख्या करते हैं।