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22-Feb-2026 02:56 PM
By First Bihar
open meat sale ban : बिहार सरकार ने हाल ही में राज्य में खुले में मांस और मछली बेचने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत अब राज्य के सभी शहरों में बिना वैध लाइसेंस के चल रही मीट शॉप्स को बंद करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। यह कदम नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से सभी शहरी निकायों को जारी निर्देशों के बाद उठाया गया है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने इस दिशा में ठोस निर्णय लेते हुए साफ निर्देश दिए हैं कि खुले में मांस-मछली बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में यह कदम राज्य सरकार की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने की नीति का हिस्सा है। खुली जगहों पर मांस-मछली की बिक्री न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि इससे गंदगी और अस्वच्छता भी बढ़ती है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान यह घोषणा करते हुए कहा था कि राज्य भर में ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि मीट शॉप चलाने वाले सभी दुकानदारों को वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य है और बिना लाइसेंस चल रही दुकानों को तुरंत बंद किया जाएगा।
नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिन दुकानों पर स्वच्छता के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दुकानों की नियमित जांच कराना और सभी कानूनी मानकों का पालन सुनिश्चित करना शहरी निकायों की जिम्मेदारी होगी। आदेश के मुताबिक, शहरों के महापौर और नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना लाइसेंस वाले मीट शॉप्स की पहचान करें और उन्हें तुरंत बंद करने की कार्रवाई करें।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोगों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। खुले में मांस-मछली बेचने से संक्रमण फैलने और बीमारियों के बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा, अनुचित और अवैध तरीके से मांस बिक्री से स्थानीय कानूनों का उल्लंघन भी होता है।
इस आदेश का प्रभाव सबसे पहले शहरों में देखा गया, जहां स्वास्थ्य और स्वच्छता निरीक्षण दलों ने बिना लाइसेंस चल रही दुकानों की सूची तैयार की और उनमें से कई को तुरंत बंद कर दिया। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने वैध लाइसेंस के बिना कारोबार जारी रखा, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, दुकानों में स्वच्छता का निरीक्षण करने के लिए भी टीमों का गठन किया गया है।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का यह कदम राज्य में मांस-मछली की बिक्री पर नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के स्वास्थ्य और शहरों की स्वच्छता को सर्वोपरि रखती है। इस दिशा में सभी अधिकारियों और नगर निकायों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुले में मांस-मछली बेचने पर रोक लगाने से खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ मांस उपलब्ध होगा। इसके अलावा, यह कदम अवैध मीट शॉप्स को नियंत्रित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी माध्यम बनेगा।
सरकार की यह नीति केवल मांस-मछली दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दायरे में आती है। शहरी निकायों के द्वारा निरीक्षण और अनुशासन लागू करने से लोगों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में पूरे राज्य में अभियान को और सख्त किया जाएगा और जो दुकानदार नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ उच्च स्तर की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत न केवल दुकानों की लाइसेंस की जांच होगी, बल्कि स्वच्छता, मांस की गुणवत्ता और बिक्री के सभी मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
इस तरह बिहार सरकार ने मांस-मछली की बिक्री पर नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के सभी शहरों में बिना लाइसेंस और अव्यवस्थित रूप से चल रही मीट शॉप्स को बंद करने से लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्यकर मांस-मछली उपलब्ध होगा।