बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता साफ, नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मिला साइट क्लीयरेंस; विकास को मिलेगी नई उड़ान बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता साफ, नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मिला साइट क्लीयरेंस; विकास को मिलेगी नई उड़ान एक्शन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार: अपने गृह क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का लिया जायजा, निर्माणाधीन स्कूल भवन और ROB को देख दिये ये निर्देश बिहार में नशे की खेती: अफीम के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, नष्ट की गई लाखों की फसल बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: रिश्वतखोरी के मामले में दारोगा सेवा से बर्खास्त, DIG के एक्शन से हड़कंप Bihar CM : CM नीतीश ने RCD के बड़े अधिकारी को हड़काया, अधिकारी ने हाथ जोड़कर मांगी 1 महीने की मोहलत बिहार में रक्षा विभाग की 9.36 एकड़ जमीन से हटेगा अतिक्रमण, पांच सदस्यीय कमेटी गठित BIHAR NEWS : नाले से अज्ञात युवक का शव बरामद, इलाके में सनसनी; पुलिस पहचान में जुटी बीआरएबीयू में सर्टिफिकेट से हिंदी हटाने पर हंगामा, प्रमोशन पर भी शुरू हुई बहस UPSC Result: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के UPSC रिजल्ट पर विवाद, यूपी की आकांक्षा ने 301 रैंक पर दावा ठोका
04-Mar-2025 09:55 AM
By KHUSHBOO GUPTA
Bihar News: बिजली संकट से मुक्ति दिलाने के लिए बिहार की नीतीश सरकार दो बड़े योजनाओं पर काम कर रही है। बिहार सरकार लखीसराय में सोलर इन्वर्टर बैट्री और भागलपुर के पीरपैंती में ग्रीनफील्ड थर्मल पावर प्लांट लगाने वाली है। जिससे प्रदेश में बिजली संकट से लोगों को मुक्ति मिलेगी। भागलपुर के पीरपैंती में थर्मल पावर प्लांट बनेगा जबकि लखीसराय में देश की सबसे बड़ी बैट्री सौर परियोजना जल्द शुरू होने जा रही है।
इन दो प्रोजेक्ट्स को ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार का दूरगामी कदम माना जा रहा है। जिससे बिहार के लोगों को बिजली से जुड़ी अनेकों समस्याओं से मुक्ति मिलेगी इसके साथ लोगों को रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। भागलपुर के पीरपैंती में 21,400 करोड़ की लागत से सरकार 2400 मेगावाट क्षमता की ग्रीन फील्ड थर्मल पावर प्लांट लगाने जा रही है जो किसी प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा निवेश होगा। इस प्लांट के चालू होने से बिहार को दूसरे राज्यों पर बिजली के लिए निर्भर नहीं रहना होगा। साथ ही साथ आम लोगों को बिजली बिल में भी कमी आएगी।
वहीं लखीसराय जिले के कजरा में बैट्री सौर परियोजना का काम दो चरणों में शुरू होगा। इसके तहत 301 मेगावाट सौर ऊर्जा तैयार किया जाएगा। वहीं उच्च क्षमता वाली बैट्री से 495 मेगावाट आवर बिजली को रिजर्व रखा जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट से बिहार के लोगों को पीक समय में खासकर रात में बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा बैट्री में स्टोर किए हुए बिजली का यूज रात में किया जा सकेगा।