Dial 112 : बिहार में आपातकालीन सेवा डायल 112 (ERSS) के सेवानिवृत्त ड्राइवरों की सेवा अवधि में एक वर्ष का विस्तार किया गया है। साथ ही उनके मानदेय में भी वृद्धि की गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गृह विभाग के पूर्व निर्णय के अनुसार इन सेवानिवृत्त ड्राइवरों की सेवा अवधि मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी, जो अब समाप्त होने वाली है। इसलिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक वर्ष के अतिरिक्त सेवा विस्तार को मंजूरी दी गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य ERSS के सुचारू संचालन को बनाए रखना है। वर्तमान में इस परियोजना के संचालन के लिए कुल 4426 चालक पद स्वीकृत हैं। इनमें 3418 चालक सिपाही और 1009 चालक हवलदार के पद शामिल हैं। हालांकि, इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया में समय लग रहा है, क्योंकि भारतीय एवं प्रशिक्षण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में सेवामुक्त यानी सेवानिवृत्त चालकों की सेवा अवधि बढ़ाकर कार्य को निरंतर बनाए रखने की जरूरत थी।
सम्राट चौधरी ने बताया कि पहले इन सेवानिवृत्त ड्राइवरों को ₹25,000 वेतन मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें वार्षिक वर्दी भत्ता ₹4,000 भी दिया जाएगा।सेवा विस्तार और मानदेय वृद्धि से संबंधित खर्च की बात करें तो 1 वर्ष की सेवा विस्तार पर कुल 1 करोड़ 61 लाख 11 हजार 84 रुपए का अनुमानित व्यय बताया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 112 ERSS सेवा का उद्देश्य जनता को समय पर मदद पहुंचाना है। आपातकालीन सेवाओं के दौरान ड्राइवरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे मरीजों, दुर्घटना ग्रस्तों और आपात स्थितियों में फंसे लोगों को तुरंत अस्पताल या सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते हैं। ERSS के तहत हर जिले में 112 सेवा को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन भर्ती प्रक्रिया और प्रशिक्षण के कारण नई नियुक्तियों में देरी हो रही है। ऐसे में सेवानिवृत्त ड्राइवरों की सेवा विस्तार से इस सेवा को बाधित होने से बचाया जा सकेगा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आपातकालीन सेवा की गुणवत्ता में सुधार हो और लोगों को बेहतर, तेज और विश्वसनीय सेवाएं मिलें। इसके लिए कर्मियों की संख्या और उनकी कार्य क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस फैसले से ERSS के संचालन में स्थिरता बनी रहेगी और सेवा उपयोगकर्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। साथ ही ड्राइवरों को बेहतर वेतन और भत्ता मिलने से उनकी कार्य क्षमता और मनोबल भी बढ़ेगा। कुल मिलाकर, 112 ERSS के सेवानिवृत्त ड्राइवरों की सेवा अवधि बढ़ाने और मानदेय बढ़ाने का यह निर्णय बिहार में आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।