अवैध बालू खनन पर सख्ती: बिहार की सीमा चौकियों पर लगेगी एएनपीआर तकनीक, पारदर्शी होगी निगरानी

Bihar Sand Mining: अवैध बालू खनन और परिवहन पर रोक के लिए बिहार सरकार का बड़ा कदम उठाया है. अब सीमा चौकियों पर एएनपीआर तकनीक से वाहनों की सख्त निगरानी होगी.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 23 Jan 2026 02:45:02 PM IST

Bihar Sand Mining

प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar Sand Mining: बिहार में अवैध बालू खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने तकनीक आधारित सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत राज्य की सीमाओं पर स्थित प्रमुख बॉर्डर चेक पोस्टों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित की जाएगी।


इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पड़ोसी राज्यों से बिहार में होने वाली अवैध बालू की आवाजाही पर रोक लगाना और खनिज परिवहन की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करना है। एएनपीआर प्रणाली के जरिए चेक पोस्ट से गुजरने वाले हर बालू लदे वाहन की नंबर प्लेट स्वतः स्कैन होगी और उसे विभाग के केंद्रीय सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे वाहन के पंजीकरण, ई-चालान, परमिट और तय समय-सीमा की डिजिटल रूप से तुरंत जांच संभव हो सकेगी।


यदि कोई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के या निर्धारित मार्ग से हटकर चलता पाया गया, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा, जिससे मौके पर ही कार्रवाई की जा सकेगी। विभाग के अनुसार, यह व्यवस्था अवैध परिवहन पर त्वरित और सटीक नियंत्रण में सहायक होगी।


खान एवं भूतत्व विभाग ने बताया कि बालू चोरी रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है। एएनपीआर के साथ-साथ जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग, ई-चालान प्रणाली, ड्रोन एवं उपग्रह निगरानी तथा जिला स्तर पर विशेष प्रवर्तन दलों की सक्रियता भी बढ़ाई जा रही है। संवेदनशील घाटों और सीमा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और आगे और कैमरे लगाने की योजना है।


विभाग का मानना है कि तकनीक के अधिक उपयोग से मानव हस्तक्षेप कम होगा, जिससे मिलीभगत और भ्रष्टाचार में कमी आएगी। साथ ही राजस्व चोरी पर प्रभावी रोक लगेगी और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। अवैध बालू खनन से नदियों के प्राकृतिक प्रवाह, तटबंधों और आसपास के क्षेत्रों को हो रहे नुकसान को देखते हुए इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है। 


राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बालू चोरी में संलिप्त पाए जाने वाले वाहन मालिकों, चालकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एएनपीआर प्रणाली के लागू होने से बिहार में अवैध बालू कारोबार पर प्रभावी लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।