Bihar Politics : बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का एलान होना है। ऐसे में खुद को चुनावी मोड में होने का दावा करने वाली पार्टी भाजपा भी सच में एक्टिव नजर आ रही है। यही वजह है कि भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह खुद भी बिहार चुनाव को लेकर एक्टिव हो गए हैं और पार्टी नेता और कार्यकर्त्ता को नई तरह का टास्क दे रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक,अमित शाह बीते शाम बिहार आए हैं जहाँ वह सबसे पहले प्रदेश दफ्तर में बैठक कर नेताओं को कई तरह के सलाह और टास्क दिए हैं तो उसके बाद वह बेतिया पहुंचे तो वहां उन्होंने नेताओं और कार्यकर्त्ता को अलग तरह का टास्क दिया है। उन्होंने कहा है कि अगले 50 दिनों तक इसी रणनीति पर आगे बढ़ाना है इससे पार्टी और एनडीए को सीधे तौर पर फायदा मिलने वाला है और हमारा जो मकसद हैं वह भी पूरा होगा।
अमित शाह ने कहा है कि आगामी चुनाव के दौरान भाजपा के नेता और कार्यकर्त्ता मंदिर जाएं और पुजारियों को सम्मानित करें। इसके साथ ही जीविका दीदियों से संपर्क करें और उनके साथ बैठक कर बातचीत करें। दीपावली में सरकार की योजनाओं का लाभ पा चुके लाभार्थियों के साथ बैठक करें। हर बूथ पर मतदाताओं को शामिल करते हुए सोशल मीडिया ग्रुप बनाएं। शक्ति केंद्र के अध्यक्ष इसके एडमिन (अध्यक्ष) होंगे।
इस ग्रुप में जीविक दीदियों, सरपंच, पुजारियों समेत अन्य महत्वपूर्ण लोगों को भी शामिल करें। ग्रुप पर सरकार से जुड़ी सूचनाएं और योजनाएं साझा करें। उन्हें इसके लाभ के बारे में बताएं। बाइक वाले कार्यकर्ता सप्ताह में तीन दिन बूथों पर राउंड लगाएंगे। समूह में कार्यकर्ता निकलेंगे और बूथ क्षेत्र में घूमेंगे। इस दौरान भारत माता की जय, भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद, एनडीए जिंदाबाद के नारे लगाएंगे। विधानसभा में जीत के लिए अमित शाह ने जिला से लेकर बूथ स्तर तक की बैठक करने बात कही। उन्होंने इसके लिए डेडलाइन भी तय कर दी।
शाह कहा कि अगले चार दिनों के भीतर (मंगलवार तक) जिला के पदाधिकारी मंडल अध्यक्षों की बैठक बुलाएं। इसमें जिले के पदाधिकारियों को मंडलों में बांटा जाएगा। ये मंडल के कार्यक्रमों और चुनाव तैयारियों की देखरेख करेंगे। उसके बाद पांच दिनों के भीतर जिला के पदाधिकारी मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। उसके बाद चार दिनों में सभी बूथ स्तर तक बैठक करेंगे।