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BIHAR: रंगदारी मामले में निलंबित थानाध्यक्ष अमरज्योति ने किया सरेंडर, कोर्ट ने भेजा जेल

सहरसा में 79 हजार रुपये की अवैध उगाही के आरोप में निलंबित बैजनाथपुर थानाध्यक्ष अमरज्योति ने कोर्ट में सरेंडर किया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए।

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रंगदारी और जबरन उगाही का आरोप
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SAHARSA: खबर सहरसा से है, जहां मधेपुरा जिले के एक युवक को मादक पदार्थ तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 79 हजार रुपये की अवैध उगाही मामले में बैजनाथपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अमरज्योति पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। इस मामले में नामजद आरोपी पूर्व थानाध्यक्ष अमरज्योति ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।


 दरअसल मामला बैजनाथपुर थाना कांड संख्या 62/25 से जुड़ा है। आरोप है कि अमरज्योति ने मधेपुरा जिले के एक युवक को हिरासत में लेकर उसे मादक पदार्थ तस्करी के केस में फंसाने की धमकी दी थी और इसके एवज में 79 हजार रुपये की उगाही की थी। राशि मिलने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। घटना के खुलासे के बाद पीड़ित परिवार ने वरीय पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की।


 एसपी के निर्देश पर कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद अमरज्योति सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्जकर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। बताया जाता है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अमरज्योति ने पहले जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। 


दोनों अदालतों से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अंततः उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह पहला मामला है, जब किसी थानाध्यक्ष के खिलाफ उसी थाना क्षेत्र में आपराधिक मामला दर्जकर कार्रवाई की गई है। फिलहाल इस घटना से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। वहीं तरह तरह के चर्चा से चर्चाओं का बाजार गर्म है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता

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