बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म
02-Feb-2026 05:55 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: आर्थिक सर्वेक्षण में बिहार के सभी 38 जिलों की रैंकिंग जारी कर दी गई है। जारी की गई रैंकिंग के मुताबिक, बिहार का सबसे समृद्ध जिला पटना है, जबकि शिवहर राज्य का सबसे गरीब जिला है। यह खुलासा विधानसभा में सरकार की तरफ से पेश किए गए बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में हुआ है। सर्वेक्षण के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय के मामले में पटना पहले स्थान पर है, जबकि बेगूसराय दूसरे और मुंगेर तीसरे स्थान पर हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है। वहीं पटना की प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये दर्ज की गई है, जो राज्य में सबसे अधिक है। इसके बाद बेगूसराय में प्रति व्यक्ति आय 61,566 रुपये और मुंगेर में 54,469 रुपये पाई गई है।
सर्वेक्षण में राज्य के सभी 38 जिलों की प्रति व्यक्ति आय के आधार पर रैंकिंग जारी की गई है। इसमें बिहार के तीन सबसे गरीब जिलों में शिवहर (18,980 रुपये) पहले स्थान पर है, जबकि अररिया (19,795 रुपये) दूसरे और सीतामढ़ी (21,448 रुपये) तीसरे स्थान पर हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि पटना की प्रति व्यक्ति आय, बिहार के सबसे गरीब जिले शिवहर की तुलना में लगभग छह गुना अधिक है। जिलों की आर्थिक स्थिति का आकलन पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की खपत के साथ-साथ प्रति व्यक्ति लघु बचत के आधार पर किया गया है।
पेट्रोल की खपत के मामले में पटना पहले, मुजफ्फरपुर दूसरे और पूर्णिया तीसरे स्थान पर हैं। वहीं डीजल की खपत में पटना, शेखपुरा और औरंगाबाद शीर्ष पर हैं। सबसे कम पेट्रोल की खपत वाले जिलों में लखीसराय, बांका और शिवहर शामिल हैं, जबकि डीजल की सबसे कम खपत शिवहर, सीवान और कैमूर में दर्ज की गई है।
एलपीजी की खपत के मामले में पटना, बेगूसराय और गोपालगंज सबसे आगे हैं, जबकि अररिया, बांका और मधेपुरा में एलपीजी की खपत सबसे कम पाई गई है। आर्थिक सर्वेक्षण के ये आंकड़े बिहार के भीतर विकास की गहरी असमानताओं को स्पष्ट रूप से उजागर करते हैं।