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02-Feb-2026 08:04 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार विधानसभा का सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन कांग्रेस अब तक विधायक दल के नेता के नाम का ऐलान नहीं कर पाई है। इसी को लेकर आज पटना के एक होटल में कांग्रेस की अहम बैठक चल रही है।इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू समेत कांग्रेस के सभी 6 विधायक मौजूद हैं। विधायक दल के नेता को लेकर आज अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है। आपसी सहमति नहीं बन पाने के कारण अब तक यह मामला अटका हुआ था, लेकिन पार्टी नेतृत्व जल्द ही इस पर मुहर लगा सकता है।
विधानसभा चुनाव के नतीजे आए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, बावजूद इसके कांग्रेस प्रदेश में विधायक दल का नेता नहीं चुन सकी है। इस दौरान विधानसभा का एक सत्र भी बीत चुका है और आज से बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। इससे पहले 23 जनवरी को दिल्ली में बिहार कांग्रेस की एक बड़ी बैठक हुई थी, जहां आलाकमान की मौजूदगी में विधायक दल के नेता के नाम पर सहमति बनाने की कोशिश की गई, लेकिन तब भी बात नहीं बन पाई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आज की बैठक में इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
वहीं, बीते दिनों प्रदेश नेतृत्व द्वारा बुलाई गई बैठकों में कुछ विधायकों की गैरमौजूदगी के बाद पार्टी में टूट की अटकलें भी तेज हो गई थीं। मनरेगा आंदोलन को लेकर बुलाई गई बैठक में चनपटिया के विधायक अभिषेक रंजन और वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद शामिल नहीं हुए थे। इसके अलावा, सोमवार को प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की बैठक में मनिहारी के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह भी मौजूद नहीं थे, जिसके बाद सियासी हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
विधायक दल के नेता के लिए कांग्रेस दो नामों पर गंभीरता से विचार कर रही है। इनमें मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और चनपटिया से विधायक अभिषेक रंजन शामिल हैं। मनोहर प्रसाद सिंह चौथी बार विधायक बने हैं और वे आदिवासी समुदाय से आते हैं, जबकि अभिषेक रंजन पहली बार विधायक हैं, लेकिन युवा कांग्रेस में उन्होंने प्रदेश स्तर पर अहम भूमिका निभाई है। आज की बैठक में आलाकमान सभी विधायकों से वन-टू-वन बातचीत कर उनकी नाराजगी के कारण जानने की कोशिश करेगा। साथ ही बातचीत के आधार पर संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
नीतीश कुमार की रिपोर्ट