MPs Salary: राज्यसभा सांसदों को मिलती है कितनी सैलरी? जानिए सुविधाएं और उनके अधिकार BIHAR NEWS : बिहार के नए युग की नई तस्वीर ! CM आवास के इस फोटो में छिपा बड़ा संदेश, जानिए क्या है इसके राजनीतिक मायने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर आया चिराग पासवान का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले LJP(R) चीफ? Bihar News : 20 साल तक बिहार में चला Nitish Kumar का जादू, BJP से गठबंधन कई बार बिगड़ा और कई बार बना; पढ़िए क्या रहा है हिस्ट्री Bihar Politics : सीएम नीतीश से मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे अमित शाह, NDA नेताओं के साथ नामांकन करने निकलें UPSC Success Story: डॉक्टर बनने का टूटा सपना, 120 दिन की तैयारी और बिना कोचिंग बनी IAS, जानिए पूरी कहानी Bihar Politics : BJP ने दिया नीतीश कुमार को धोखा, चाचा को निमंत्रण देने के सवाल पर बोले तेजस्वी ....बिहार की जनता चाहती है सत्ता परिवर्तन Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल में अचानक उछाल, क्या आपके शहर में भी बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए Bihar Politics : शादी में जिसने किया था कार ड्राइव उससे ही पहला चुनाव हार गए थे नीतीश कुमार , जानिए क्या था नाम और कब हुआ था चुनाव
28-Dec-2025 02:18 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार सरकार महिला एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 328 स्तनपान कार्नर स्थापित करने जा रही है। ये कार्नर सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में माताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गोपनीय स्थान प्रदान करेंगे, ताकि वे बिना संकोच अपने शिशुओं को स्तनपान करा सकें।
स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, सदर अस्पतालों और अनुमंडलीय अस्पतालों में पहले से चरणबद्ध तरीके से ब्रेस्ट फीडिंग कार्नर बनाए जा चुके हैं। अब इस सुविधा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तार दिया जा रहा है।
स्तनपान कार्नरों को माताओं की जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। इसमें आरामदायक कुर्सियां, साफ-सुथरा वातावरण, पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन और निजी स्थान की व्यवस्था शामिल होगी। इसके अलावा पीने के पानी और हाथ धोने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म के पहले छह महीनों में केवल स्तनपान अत्यंत आवश्यक होता है, लेकिन अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर उपयुक्त व्यवस्था न होने के कारण कई माताएं असहज महसूस करती हैं। इस पहल से माताओं को मनोवैज्ञानिक सहयोग मिलेगा और स्तनपान की दर बढ़ाने में मदद होगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यह योजना राष्ट्रीय पोषण मिशन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य शिशुओं में कुपोषण को कम करना, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और माताओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना है। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी।