ब्रेकिंग न्यूज़

पहले ही प्रयास में बिहार के अभिषेक चौहान ने हासिल की सफलता, बिना कोचिंग के लाए 102वीं रैंक UPSC Result: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने UPSC परीक्षा में लहराया परचम, 301वां स्थान हासिल कर बनीं IAS अधिकारी UPSC Result: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने UPSC परीक्षा में लहराया परचम, 301वां स्थान हासिल कर बनीं IAS अधिकारी UPSC Result: पिता इंस्पेक्टर और बेटी बनी IPS अधिकारी, बिहार की रुचि सिंह ने UPSC परीक्षा में हासिल किया 171वीं रैंक बिहार के लाल ने किया कमाल: UPSC परीक्षा में मिली सफलता, बनेंगे IAS ऑफिसर UPSC परीक्षा में बिहार के लाल राघव झुनझुनवाला ने किया कमाल, पूरे देश में हासिल किया चौथा स्थान Bihar police : इनकम का हिसाब दो वरना ...! गृह विभाग ने अपने 9 अफसरों को भेजा नोटिस; हर हाल में इस डेट तक देना होगा ब्यौरा प्रभात रंजन हॉस्पिटल के पास चोरी, डॉक्टर के घर से करोड़ों रुपए उड़ा ले गए चोर; इलाके में मचा हडकंप Bihar Land Scam: बिहार में गैरमजरूआ जमीन को रैयती बनाकर नामांतरण का खेल, पूर्व CO समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज Bihar Land Scam: बिहार में गैरमजरूआ जमीन को रैयती बनाकर नामांतरण का खेल, पूर्व CO समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज

Bihar News: एक करोड़ मीटर कपड़े का पोशाक बनाएंगी जीविका दीदियां, नीतीश सरकार ने बनाया बड़ा प्लान

Bihar News: बिहार के 1.15 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए यूनिफॉर्म अब जीविका दीदियां तैयार करेंगी। जानकी स्टिचिंग कंपनी के तहत 30-35 हजार दीदियां इस काम में लगेंगी।

09-Jun-2025 01:53 PM

By FIRST BIHAR

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के 1.15 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए यूनिफॉर्म तैयार करने की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को सौंपी है। इस योजना के तहत करीब 95 लाख बच्चों के लिए लगभग एक करोड़ मीटर कपड़ा लगेगा। कपड़े की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी कर दी गई है, और चयनित एजेंसी से कपड़ा मिलने के बाद 30 से 35 हजार जीविका दीदियां सिलाई के कार्य में लगाई जाएंगी।


राज्य के कई जिलों में जानकी स्टिचिंग प्रोड्यूसर कंपनी के नाम से जीविका दीदियों द्वारा सिलाई-कढ़ाई केंद्र चलाए जा रहे हैं। इस कंपनी से अभी तक करीब 15 हजार दीदियां जुड़ी हुई हैं। अब यही कंपनी आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की यूनिफॉर्म तैयार करेगी। यूनिफॉर्म केवल 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी। 


यूनिफॉर्म तीन साइज में बनेगी: 22, 24 और 28 नंबर। सिलाई का काम ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा, और हर यूनिट को आंगनबाड़ी केंद्रों से टैग किया जाएगा। सभी दीदियों को यूनिफॉर्म बनाने से पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि गुणवत्ता में कोई कमी न हो। योजना के अंतर्गत नवंबर 2025 से यूनिफॉर्म का वितरण शुरू हो जाएगा। अनुमान है कि 6 महीने में सारा काम पूरा कर लिया जाएगा।


यूनिफॉर्म की सिलाई, पैकेजिंग, भंडारण और समय पर वितरण की निगरानी के लिए जीविका एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर रही है। इससे यह ट्रैक किया जाएगा कि सिलाई केंद्र में प्रतिदिन कितने यूनिफॉर्म बन रहे हैं, कपड़ा समय पर पहुंच रहा है या नहीं, यूनिफॉर्म बच्चों तक समय पर पहुंच रहे हैं या नहीं? इस सॉफ्टवेयर की मदद से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।