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सभी स्कूली वाहनों में पैनिक बटन, अग्निशामक यंत्र एवं प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स अनिवार्य

बिहार में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी स्कूली वाहनों में पैनिक बटन, अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स एवं वीएलडीटी (व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

04-Mar-2025 07:29 AM

By First Bihar

Bihar News : स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी स्कूली वाहनों में पैनिक बटन, अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स एवं वीएलडीटी (व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी। बस में बच्चों को चढ़ाने एवं उतारने के लिए योग्य परिचारक की व्यवस्था को भी अनिवार्य किया गया है। बालिका विद्यालयों के मामले में एक महिला परिचारक की तैनाती अनिवार्य रूप से रहनी चाहिए। 


प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्कूल वाहनों की जांच कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें स्पीड गवर्नर, वीएलटीडी और पैनिक बटन लगा है या नहीं। वाहनों में अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स का प्रबंध भी अनिवार्य  है। स्कूली बच्चों की घर से विद्यालय तक एवं वापस घर तक सुरक्षित यात्रा हर हाल में होनी चाहिए। आयुक्त ने कहा कि बच्चों के पाठ्य.सामग्री में भी सड़क सुरक्षा से संबंधित विषय अनिवार्य रूप से होना चाहिए ताकि उन्हें जागरूक किया जा सके तथा दुर्घटना को रोका जा सके। बच्चों को संकेतक, यू-टर्न, ज़ेब्रा क्रॉसिंग सहित सभी तथ्यों की जानकारी होनी चाहिए।


 साथ ही आयुक्त ने स्कूली बस में सीसीटीवी लगाना भी अनिवार्य किया है ताकि यात्रा के दौरान वाहन की गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा सके। सीसीटीवी फुटेज 60 दिनों तक स्कूल प्रबंधक को संरक्षित रखना होगा। आयुक्त ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा तथा प्रदूषण नियंत्रण हम सभी के लिए आवश्यक है। आयुक्त ने कहा कि विद्यालय वाहनों के लिए निर्धारित पांच मूलभूत मानदंडों. परमिट, स्पीड गवर्नर, बीमा, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल तथा फिटनेस. का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। 


प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि विद्यालय वाहन परिचालन नियम के उल्लंघन की स्थिति में विद्यालय प्रबंधन, वाहन स्वामी, वाहन चालक एवं परिचर के विरूद्ध अर्थदंड लगाने का प्रावधान है। चालक, वाहन स्वामी एवं विद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध अलग-अलग अधिकतम एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जा सकता है। उल्लंघन की पुनरावृत्ति पर वाहन चालक की अनुज्ञप्ति रद्द कर अयोग्य घोषित करने एवं वाहन स्वामी का परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।