ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar news : बिहार में जिला जज का असामयिक निधन, 6 महीने में पहले हुई थी पोस्टिंग; जांच में लगी फॉरेंसिक टीम Bihar News: घर से भागे प्रेमी युगल का वीडियो वायरल, लड़की ने परिजनों पर लगाए गंभीर आरोप Bihar News: घर से भागे प्रेमी युगल का वीडियो वायरल, लड़की ने परिजनों पर लगाए गंभीर आरोप बिहार से बड़ी खबर: दिगम्बर धर्मशाला के कमरे से 4 जैन सैलानियों के शव बरामद, वारदात से इलाके में सनसनी बिहार से बड़ी खबर: दिगम्बर धर्मशाला के कमरे से 4 जैन सैलानियों के शव बरामद, वारदात से इलाके में सनसनी Bihar Budget 2026-27 : बिहार में महिला सशक्तिकरण पर 48 हजार करोड़ से अधिक खर्च, जेंडर बजट पेश करने की तैयारी Bihar Budget Session 2026: बिहार विधान परिषद में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर हंगामा, शिक्षा मंत्री को देना पड़ा जवाब Bihar Budget Session 2026: बिहार विधान परिषद में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर हंगामा, शिक्षा मंत्री को देना पड़ा जवाब मंत्री संतोष सुमन को पटना हाईकोर्ट से राहत: गंभीर आपराधिक मामले में दर्ज मुकदमा रद्द मंत्री संतोष सुमन को पटना हाईकोर्ट से राहत: गंभीर आपराधिक मामले में दर्ज मुकदमा रद्द

बिहार में मेडिकल शिक्षा को बड़ा बढ़ावा! 18 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी

बिहार में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी तक 18 नए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की स्थापना की घोषणा की गई है।

medical college bihar

16-Feb-2025 08:45 AM

By First Bihar

बिहार सरकार ने राज्य में 18 नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाने की घोषणा की है। इन नए कॉलेजों के खुलने से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति आने की उम्मीद है। इससे राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। हालांकि, इन कॉलेजों में अनुभवी शिक्षकों और मेडिकल स्टाफ की भारी जरूरत होगी, लेकिन मेडिकल कॉलेजों की मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है।


नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के मानकों के मुताबिक, 100 एमबीबीएस सीटों वाले मेडिकल कॉलेज में कम से कम 23 प्रोफेसर, 33 एसोसिएट प्रोफेसर, 41 असिस्टेंट प्रोफेसर और 108 रेजिडेंट डॉक्टर (सीनियर+जूनियर) की जरूरत होती है। लेकिन राज्य के मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में ही सीनियर शिक्षकों की भारी कमी है। साल 2019 में करीब 1100 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की गई थी, लेकिन समय के साथ प्रमोशन के बाद अब ये पद लगभग खाली हो गए हैं। ऐसे में जब पुराने कॉलेजों में ही पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं तो नए कॉलेजों में फैकल्टी कहां से आएगी? यह बड़ा सवाल है।


बिहार सरकार ने अररिया और खगड़िया में 100-100 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा नवादा और औरंगाबाद में भी नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है। इन जिलों में न सिर्फ मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं बल्कि इनके भवन निर्माण और आधारभूत संरचना विकास का काम भी तेजी से चल रहा है।


इससे पहले सरकार ने जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी है, उसमें सुपौल जीएमसी- 100 सीटें, गोपालगंज जीएमसी- 150 सीटें, मुंगेर जीएमसी- 150 सीटें, समस्तीपुर (रामजानकी मेडिकल कॉलेज)- 100 सीटें, छपरा जीएमसी- 100 सीटें, सीतामढ़ी जीएमसी- 100 सीटें, सीवान जीएमसी- 100 सीटें, वैशाली (महुआ जीएमसी)- 100 सीटें, मधुबनी जीएमसी- 100 सीटें, जमुई जीएमसी- 100 सीटें, आरा जीएमसी- 100 सीटें, बक्सर जीएमसी- 100 सीटें और बेगूसराय जीएमसी- 100 सीटें शामिल हैं।