13 जनवरी को नीतीश कैबिनेट की बैठक: कई अहम एजेंडों पर लगेगी मुहर पीएम श्री स्कूलों में नवाचार की नई दिशा: पूर्णिया में 3 दिवसीय IDE बूटकैंप 2026 का भव्य शुभारंभ ED की जिस छापेमारी पर ममता बनर्जी ने मचाया है बवाल, उसका बिहार से है कनेक्शन, 60 करोड़ रूपये के लेन-देन की हो सकती है जांच गुजरात के शहरी विकास मंत्री कानू देसाई से विजय कुमार सिन्हा ने की मुलाकात, स्मार्ट सिटी और समावेशी नगर विकास पर चर्चा गयाजी में बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, लाखों रुपये के जेवर और कैश की चोरी से इलाके में दहशत महिला SI पर पति ने लगाया फंसाने का आरोप, कहा..जिसे पढ़ा-लिखाकर दारोगा बनाया, उसी ने दर्ज करा दिया झूठा मुकदमा खगड़िया में रेप के बाद 5 साल की बच्ची का मर्डर, समाहरणालय में घुसकर लोगों ने किया हंगामा लेडी सिंघम बनीं RTO सोना चंदेल: अपने सरकारी वाहन और पति की स्कूटी का काटा चालान, कहा..कानून सबके लिए बराबर Vaibhav Suryavanshi : बिहार का 14 साल का क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी बना क्रिकेट जगत का नया सितारा, ऑफ स्पीनर अश्विन बोले- 'ये सब क्या है भाई… Where is My Train App : ट्रेन लेट से परेशान युवक का आइडिया बना करोड़ों भारतीयों का ट्रैवल साथी, Where is My Train App से भारत में ट्रेन ट्रैकिंग क्रांति
05-Jan-2026 10:51 PM
By First Bihar
GAYAJEE: बिहार के गया जिले के मानपुर प्रखंड अंतर्गत अमरा गांव के रहने वाले रिटायर्ड आर्मी कैप्टन मनोज सिंह 30 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद अपने गांव लौटे। उनके स्वागत के लिए सैकड़ों ग्रामीणों ने बैंड बाजे, फूल-मालाओं और देशभक्ति के नारों के साथ लंबा काफिला बनाकर उन्हें भव्य तरीके से सम्मानित किया।
ऑपरेशन कारगिल में योगदान
कैप्टन मनोज सिंह ने अपनी 30 साल की सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया और अनेक अवसरों पर विशिष्ट सेवा दी। उनका जीवन देश सेवा के प्रति समर्पित रहा है।
सम्मान में गांव के लोग शामिल
स्वागत समारोह में उनकी माता शांति देवी और पिता सिद्धेश्वर सिंह के साथ ग्रामीणों ने कई किलोमीटर पहले से पैदल चलकर कैप्टन मनोज सिंह का स्वागत किया। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उन्हें लादकर और बैंड बाजों के साथ उनके सम्मान में पूरी शान दिखाई।
देश सेवा को बताया जीवन का गौरव
रिटायर्ड कैप्टन मनोज सिंह ने कहा कि भारतीय सेना में 30 साल तक सेवा देना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का मार्ग बनाएं। उन्होंने कहा कि 30 साल सर्विस करने बाद मैं भारतीय सेना से रिटायर हुआ हूं। लोगों के स्वागत से मैं बहुत भावुक और ओतप्रोत हूं। मेरे गांव के सैंकड़ों ग्रामीण, परिचित और रिश्तेदारों ने मुझे सम्मानित किया। इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। देश की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा है। युवा पीढ़ी अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रवाद के मार्ग पर चले।
जैसे ही कैप्टन मनोज सिंह गांव की सीमा में दाखिल हुए, माहौल बदल गया। देशभक्ति के नारे गूंज उठे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर गांव ने अपने सपूत का स्वागत किया। फूलों की बारिश हुई। हर चेहरे पर गर्व साफ दिख रहा था। ग्रामीणों ने अंगवस्त्र और फूल-मालाओं से कैप्टन मनोज सिंह का अभिनंदन किया। यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि उस तपस्या का था, जो उन्होंने वर्दी में रहते हुए निभाई। कैप्टन मनोज सिंह ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन गलवान घाटी और ऑपरेशन सिंदूर जैसे बड़े सैन्य अभियानों का हिस्सा रहे। कैप्टन मनोज सिंह ने कहा की देश की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने की अपील की।



