ब्रेकिंग न्यूज़

छपरा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बोले..जन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण IPS अंशिका की मेहंदी में छिपा प्यार का राज… हथेली पर ‘KRISHNA’ नाम ने लूटी महफिल डबल इंजन की सरकार में डिजिटल प्लेटफॉर्म से बदलेगा नर्सिंग शिक्षा का चेहरा: मंगल पांडेय रील का जुनून बना जानलेवा… चलती ट्रेन से गिरकर 17 साल के नाबालिग की मौत, घर में पसरा मातम

Home / bihar / पप्पू यादव ने की रेमडेसिविर पर रोक लगाने की मांग, कहा.. ये दवाई...

पप्पू यादव ने की रेमडेसिविर पर रोक लगाने की मांग, कहा.. ये दवाई कोरोना इलाज के लिए नहीं

21-Apr-2021 01:52 PM

PATNA :  जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने रेमडेसिविर पर रोक लगाने की मांग सरकार से की है. उन्होंने कहा है कि ये दवाई कोरोना के इलाज के लिए सक्षम नहीं है. पप्पू यादव ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल कहड़ा करते हुए कहा कि पटना के पीएमसीएच और एनएमसीएच में लैब टेक्नीशियन और डाटा आपरेटर्स की कमी है, जो कर्मी पहले कार्यरत थे उनमें से अधिकतर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. सरकार कह रही है कि एनएमसीएच को 500 बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया है लेकिन स्थिति बहुत गंभीर है.


पप्पू यादव ने आगे कहा कि एम्स के निदेशक कह चुके हैं कि रेमडेसिविर दवा कोरोना का इलाज नहीं है, फिर इस पर बैन क्यों नहीं लग रहा है? गलत जानकारी के कारण लोग 20 हजार से 30 हजार रुपए तक देकर इस दवा को खरीद रहे हैं। इस दवा पर रोक लगनी चाहिए. पप्पू यादव ने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाने चाहिए और आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए। बिहार में इतनी बुरी स्थिति है कि कल्पना नहीं की जा सकती है। कोरोना वार्ड में मरीजों को खाना खिलाने वाला कोई नहीं है। वार्ड के शौचालयों की सफाई नहीं हो रही है। बीमार व्यक्ति अगर वहां जाएगा तो और बीमार हो जाएगा।


जाप अध्यक्ष ने कहा कि एंबुलेंस वाले मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए 12,000 रुपए ले रहे हैं। कई डाक्टर सेप्सीवैक और अन्य मंहगी दवाएं लिख रहे हैं। जबकि इससे कोरोना वायरस से बचा नहीं जा सकता। मरीजों को लूटा जा रहा है। राज्य सरकार बेबस नजर आ रही है। अधिकारी कह रहे हैं कि वे मदद नहीं कर सकते। मौके पर जाप के राष्ट्रीय महासचिव राजेश पप्पू उपस्थित थे।