मुंगेर में स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक भवन बनने वाली जमीन पर प्रशासन ने शव को दफनाने से रोका, ग्रामीणों ने जताया विरोध बेगूसराय में युवक की संदिग्ध मौत: घर से निकला और लौटा लाश बनकर मुंगेर में 3 मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़: हथियार और उपकरण के साथ 3 गिरफ्तार अंतर-जिला चोर गिरोह का भंडाफोड़: चोरी की सामान के साथ दो बदमाश गिरफ्तार कटिहार में बच्चा चोरी के शक में बुजुर्ग महिला की पिटाई, भीड़ से पुलिस ने बचाया मुजफ्फरपुर में बीच सड़क मुखिया पति और ग्रामीण में मारपीट, कमर में पिस्टल के साथ VIDEO वायरल सगाई के बाद फोन पर अकेले बात नहीं करेंगे मंगेतर, इस समाज का अनोखा फैसला Bihar News: बिहार के 85 प्रखंडों में इसी साल शुरू होंगी डिजिटल लाइब्रेरी, 243 विधानसभा क्षेत्रों तक विस्तार का लक्ष्य Bihar News: बिहार के 85 प्रखंडों में इसी साल शुरू होंगी डिजिटल लाइब्रेरी, 243 विधानसभा क्षेत्रों तक विस्तार का लक्ष्य Patna NEET student death: नीट छात्रा मौत मामले में तीसरी बार जहानाबाद पहुंची CBI की टीम, मामा के घर के सदस्यों से कई घंटों तक की पूछताछ
19-Feb-2026 10:53 PM
By First Bihar
MUNGER: मुंगेर के तारापुर प्रखण्ड स्थित लखनपुर गांव के कब्रिस्तान मे लाश दफनाने गए लोगों को पुलिस ने रोका, रुकावट के बाद ग्रामीणों ने कब्रिस्तान की जमीन का केवाला प्रशासन को दिखाया बावजूद इसके प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा यह जमीन आपकी नहीं है। इस जमीन पर स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक भवन बनाने के लिए अंचलाधिकारी ने बहुत पहले ही सरकार को NOC दे रखा है, जिला प्रशासन द्वारा काफी समझने बुझाने के बाद ग्रामीणों ने लाश को पास के ही एक अन्य कब्रिस्तान में लाश को दफनाया।
मुंगेर जिला के तारापुर प्रखण्ड स्थित लखनपुर गांव मे उस वक्त अफरा तफरी माहौल बन गया जब प्रशासन ने लखनपुर गांव स्थित एक कब्रिस्तान मे गांव के ही एक व्यक्ति जुबैर कि बीमारी से हुई मौत के बाद उसके शव को दफनाया जा रहा था कि तभी पुलिस विभाग कि डायल 112 कि टीम ने मौके पर पहुंच कर लाश को दफनाने से रोक दिया जिसके बाद गांव मे सनसनी फैल गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया कि आप लोग कब्रिस्तान मे लाश को दफनाने से क्यों रोक रहे है, जिसपर जिला प्रशासन आला अधिकारियों ने बताया कि यह जमीन गैर मजरूआ जमीन है जिस पर सरकार कि विकासकारी योजनाएं लाई जा रही है जिसके लिए अंचलाधिकारी ने काफी पहले ही अनापत्ति पत्र सरकार को दे दिया है।
इस जमीन पर स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक भवन का निर्माण होना है। यह बात सुनकर ग्रामीणों ने आला अधिकारियों से कहा कि यह जमीन वर्ष 1965 ई० मे लगभग 35 डी०उस समय के तत्कालीन राजा से स्व० नियामत ने खरीद किया था और उस समय से उनके वारिसान और गांव लोगों कि मौत के बाद उनके शवों को दफनाया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने जमीन से संबंधित कागजात भी प्रशासन के आला अधिकारियों को दिखाया बावजूद इसके जिला ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर लाश को पास के ही एक अन्य कब्रिस्तान मे दफन करवाया, बाहर हाल अभी उस जगह पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोर्स को तैनात किया गया है। वहीं ग्रामीणों ने भी कहा है कि वे लोगों न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।