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20-Dec-2025 07:16 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Teacher News: बिहार के लखीसराय जिले में शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 12 शिक्षकों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से रोजाना ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करा रहा है। जब विभाग के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर द्वारा इसकी गहन जांच कराई गई, तो कई सरकारी विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
जांच में सामने आया कि लखीसराय जिले में दर्जन भर से अधिक शिक्षक जुगाड़ और फर्जी तरीकों से ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर हाजिरी बना रहे थे। इस पूरे मामले में विद्यालय प्रधानों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिनकी सांठगांठ से शिक्षक बिना विद्यालय गए ही उपस्थिति दर्ज करवा रहे थे।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि कई शिक्षक स्कूल आए बिना ही अपनी फोटो भेजकर उपस्थिति बनवा लेते थे, जिसमें सहयोगी शिक्षक और कर्मियों की मदद ली जा रही थी। ई-शिक्षा कोष एक मोबाइल आधारित तकनीक है, जिसमें विद्यालय के 500 मीटर की परिधि में ही उपस्थिति दर्ज की जा सकती है।
इसके तहत इंट्री और आउट टाइम पर चेहरे की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य है, लेकिन तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर कुछ शिक्षक फर्जी हाजिरी बना रहे थे। जिले के कजरा क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय महेशपुर में प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षकों द्वारा की गई फर्जी हाजिरी की घटना काफी चर्चा में है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम ने इसे शिक्षक आचरण संहिता का गंभीर उल्लंघन मानते हुए 12 शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है और उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। डीईओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ मामलों में एक शिक्षक के स्थान पर दूसरा शिक्षक उपस्थिति दर्ज कर रहा था, जबकि कई शिक्षक फोटो अपलोड और इंट्री-आउट टाइम के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। विभाग ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है।