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21-May-2021 05:15 PM
PATNA : कोरोना वायरस के बीच एक तरफ सरकार के दावे हैं तो दूसरी तरफ तो उन्हीं दावों को मुंह चिढ़ाते जमीनी सच्चाई मामला लखीसराय जिले का है, यहां कोरोना के सैकड़ों मरीज हर दिन पाए जा रहे हैं. लेकिन सरकार के किसी भी अस्पताल में यह सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध नहीं है. अगर लखीसराय के किसी मरीज को सिटी स्कैन कर आना होगा तो इसके लिए उन्हें आसपास के जिलों में जाना पड़ता है. कोरोना संक्रमण के दौर में लंग्स की जांच के लिए सिटी स्कैन बेहद जरूरी हो चुका है. लेकिन जिले की सीएचसी और पीएचसी की बात तो दूर सदर अस्पताल तक में भी सीटी स्कैन मशीन नहीं है. 12 लाख से ज्यादा आबादी वाले लखीसराय जिले में सिटी स्कैन की सुविधा लेने के लिए लोगों को 30 से 50 किलोमीटर की दूरी जाकर दूसरे जिले में जाना पड़ता है.
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से विधायक हैं कोरोना वायरस के दौर में विजय कुमार सिन्हा लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के का इस्तेमाल करने को लेकर अपील करते रहे हैं. पिछले दिनों भी उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने भगवान पर भरोसा करने की सलाह दी थी. शायद विजय कुमार सिन्हा भी इस बात को भलीभांति समझ रहे हैं कि उनके विधानसभा क्षेत्र और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्या है. लखीसराय एक ऐसा जिला है, जहां से कई प्रभावशाली राजनेता आते हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से लेकर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और सांसद ललन सिंह भी यहीं से ताल्लुक रखते हैं. बावजूद इसके जिले में सिटी स्कैन जैसी जरूरी सुविधा उपलब्ध नहीं है.
जिले के सिविल सर्जन डॉ देवेंद्र कुमार चौधरी के मुताबिक लखीसराय सदर अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा विभागीय स्तर पर उपलब्ध नहीं कराई गई है. मरीजों को जरूरत पड़ने पर विद्यापीठ चौक स्थित एक निजी क्लीनिक में भेजा जाता है. यहां एचआरसीटी की सुविधा उपलब्ध है सीटी स्कैन की सुविधा बंद होने की जानकारी उन्हें नहीं है.
आपको बता दें कि लखीसराय जिले में एक सदर अस्पताल एक रेफरल हॉस्पिटल और दो सीएचसी के अलावे 23 एपीएचसी काम कर रहे हैं सरकारी स्तर पर सीटी स्कैन की व्यवस्था अब तक नहीं की जा सकी है. कोरोना वायरस की लहर का पीका कर निकल चुका है. ऐसे में इस बात को बखूबी समझा जा सकता है कि मरीजों और उनके परिजनों को किस तरह की परेशानी होती होगी.
लखीसराय जिले के विद्यापीठ चौक के पास एक सीटी स्कैन सेंटर कुछ साल पहले से संचालित हो रहा था लेकिन कोरोना काल में यह सिटी स्कैन सेंटर भी बंद कर दिया गया है. ऐसे में लोगों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है और इस इलाके से ताल्लुक रखने वाले तमाम सियासी दिग्गजों जिले के लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधा भी मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं.