कैमूर में जहरीला बीज खाने से 8 बच्चे बीमार, भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती मधेपुरा में BPSC की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत, किराए के कमरे में मिली लाश, इलाके में सनसनी Bihar News: CM नीतीश का बड़ा ऐलान, बाकी बचे इन 213 प्रखंडों में तुरंत खुलेंगे कॉलेज,जुलाई 2026 से शुरू होगी पढ़ाई... पटना का नाम पाटलिपुत्र करने की मांग, उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा प्रेमिका से मिलने आए प्रेमी को लोगों ने बना दिया दूल्हा, सुपौल में ‘पकड़ौआ विवाह’ का वीडियो वायरल शेखपुरा में फर्जी लोन ऐप गिरोह का भंडाफोड़, साइबर पुलिस ने 5 ठगों को किया गिरफ्तार वैशाली में हेरोइन और अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, हुंडई वेन्यू कार से बड़ी खेप बरामद सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम जुड़वां बेटियों के जन्म पर बहू की हत्या, पति और ससुर को उम्रकैद
26-Aug-2025 05:28 PM
By First Bihar
KISHANGANJ: किशनगंज जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम की तारीफ करना एक युवक को भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार, जोरबाड़ी पंचायत के बंदरझूला निवासी सोनू सिंह पर जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। जिससे वो बुरी तरह घायल हो गये। आनन-फानन में उन्हें किशनगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीड़ित सोनू सिंह ने बताया कि जन सुराज समर्थक मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद डालिम और उनके भाई ने जबरन उसे बाइक पर बैठाकर SSB कैंप के पास ले जाकर बेरहमी से पीटा। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला इसलिए किया गया क्योंकि वह नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे थे और जन सुराज को वोट न देकर नीतीश कुमार को समर्थन देने की बात कर रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही सोनू की पत्नी कुसुम देवी और SSB जवान मौके पर पहुंचे और घायल सोनू को किशनगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कुसुम देवी का कहना है कि उनके पति का किसी राजनीतिक पार्टी से सीधा जुड़ाव नहीं है, वे सिर्फ सरकार के काम की तारीफ कर रहे थे।
उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। हालांकि अभी तक थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है। यह घटना चुनावी माहौल में राजनीतिक असहिष्णुता की ओर इशारा करती है, जहां किसी की राय रखना भी खतरे से खाली नहीं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।