KISHANGANJ: बिहार के सियासत से जुड़ी बड़ी खबर किशनगंज से आ रही है। जहां कोचाधामन से जेडीयू के पूर्व विधायक व किशनगंज लोकसभा क्षेत्र से जेडीयू के पूर्व प्रत्याशी मास्टर मुजाहिद आलम ने जनता दल यूनाइटेड से इस्तीफा दे दिया है। वक्फ बिल के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है।
जिससे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है। जेडीयू के पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम के इस्तीफे के बाद उन्होंने नीतीश कुमार का बैनर पोस्टर उतार दिया है। मुजाहिद के साथ-साथ उनके सैकड़ों समर्थकों ने भी जनता दल यूनाइटेड से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा भेजा है।
पिछले दिनों एक बात चर्चा में थी की सीमांचल दौरे पर आये प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद बड़े नेता को अपने पाले में करने के लिए पुरा जोर लगा चुके हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अपनी टीम के साथ ईद की नमाज के ठीक बाद ही जदयू नेता मास्टर मुजाहिद आलम के पैतृक गांव कैरीबीरपुर पहुंच थे और ईद की मुबारकबाद दिये थे। करीब एक घंटे तक पीके मास्टर मुजाहिद आलम के घर वे रुके थे।
मास्टर मुजाहिद आलम सीमांचल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने एवं भरोसेमंद नेता माने जाते हैं। जमीनी स्तर पर मुजाहिद काफी मजबूत पकड़ रखते हैं। इनके बारे में एक कहावत है कि चुनाव हारने के बावजूद वो कभी घर पर नहीं बैठते हैं। अठारह घंटे अक्सर फील्ड में ही रहते हैं। दो बार विधायक रहकर 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए कैंडिडेट के तौर पर किशनगंज संसदीय सीट से मास्टर मुजाहिद आलम चुनाव लड़े और कांग्रेस सांसद को टक्कर दिये लेकिन करीब 59 हजार वोटों से वो लोकसभा का चुनाव हार गये।
मास्टर मुजाहिद आलम सीमांचल में जदयू के बड़े चेहरों में से टॉप पर माने जाते हैं। मास्टर मुजाहिद के आग्रह पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किशनगंज को कई बड़े सौगात भी दे चुके हैं। यही कारण है कि नीतीश कुमार मास्टर मुजाहिद आलम को अपने काफी भरोसेमंद मानते हैं। किशनगंज की जनता के बीच मुजाहिद काफी लोकप्रिय है। पिछले दिनों मास्टर मुजाहिद के समर्थकों ने प्रशांत किशोर की मौजूदगी में कहा था कि वक्फ बिल पर अगर सदन में नीतीश कुमार के सांसद लोकसभा और राज्यसभा में बिल का समर्थन करते हैं तो हम लोग हर हाल में मास्टर मुजाहिद आलम को जदयू से तीन तलाक करा लेंगे। आज वो दिन सामने आ गया है जब नीतीश कुमार के भरोसेमंद नेता ने उनका साथ छोड़ दिया। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ जेडीयू पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके द्वारा दिये गये इस्तीफे की कॉपी नीचे लगाई गयी है।