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24-Mar-2026 09:14 AM
By First Bihar
Bihar News : गोपालगंज से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां नगर थाना क्षेत्र में प्रशासन ने छापेमारी कर 17 एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। बरामद सिलेंडरों में 10 भरे हुए और 7 खाली बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला नगर थाना क्षेत्र के भीतभैरवा गांव के समीप चवर इलाके का है। प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति के घर में बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर अवैध रूप से रखे गए हैं। सूचना के आधार पर सदर एसडीएम अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान एक घर से कुल 17 सिलेंडर बरामद किए गए।
प्रशासन के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर किसी निजी व्यक्ति के घर में पाया जाना सामान्य बात नहीं है। इससे साफ तौर पर कालाबाजारी या जमाखोरी की आशंका जताई जा रही है। बरामद सिलेंडरों में कुछ भरे हुए थे, जो संभवतः बाजार में ऊंचे दाम पर बेचने के लिए रखे गए थे, जबकि खाली सिलेंडरों का उपयोग आपूर्ति के चक्र में किया जा सकता था।
छापेमारी के दौरान मौके पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं मिला, जिसके कारण तत्काल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हालांकि पुलिस ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और उन्हें नगर थाना लाया गया है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिलेंडर किसके हैं और इन्हें किस उद्देश्य से जमा किया गया था।
सदर एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि “एक ही स्थान पर इतनी संख्या में गैस सिलेंडर मिलना इस बात का संकेत है कि अवैध रूप से जमाखोरी या कालाबाजारी की जा रही थी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और डोर-टू-डोर डिलीवरी की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि जरूरतमंद लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संबंधित व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किस तरह अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों की जमाखोरी की जा रही है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।