LPG supply rule : यदि आपके भी घर के पास पहुंच गई है PNG तो अब हर हाल में लेना होगा कनेक्शन, सरकार का सख्त आदेश, कहा —सिलेंडर होगा बंद PNG online apply : बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, इस तरह ऑनलाइन करें अप्लाई; LPG पर नए नियम से उपभोक्ताओं में हलचल IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
17-Jun-2021 07:01 AM
PATNA : कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद बिहार में अब बाढ़ का संकट गहरा गया है। नेपाल और बिहार में पिछले 48 घंटों से हो रही भारी बारिश की वजह से सुबह में हालात बिगड़ गए हैं। चंपारण और मिथिलांचल के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल से आने वाली नदियों में चंपारण में अभी से तबाही मचानी शुरू कर दी है। बाढ़ की वजह से पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय और खगड़िया जिला में लोग प्रभावित हो रहे हैं।
बिहार में मानसून की एंट्री के साथ हो रही पहली बारिश में ही हालात इतने बिगड़ गए हैं कि बुधवार को वाल्मीकि नगर बराज से 4.12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। पानी छोड़ने की वजह से गंडक का पानी पश्चिम और पूर्वी चंपारण के साथ-साथ मुजफ्फरपुर के दियारा वाले गांव में घुसने लगा है। वही मिथिलांचल में स्थिति अभी ज्यादा खराब नहीं है पर कोसी, कमला बलान, बागमती के जल स्तर में इजाफा हो रहा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए सरकार ने अभी से एनडीआरएफ की टीमों को जिले में तैनात करने की शुरुआत कर दी है। बारिश के कारण उत्तर बिहार की ज्यादातर नदियां उफान पर हैं। महानंदा, गंडक और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में भी लगातार इजाफा हो रहा है हालांकि अभी यह नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं।
गंडक नदी में जलस्तर अचानक बढ़ा है। गंडक नदी के बहाव में कोई रुकावट न हो इसके लिए सत्तर घाट पुल के पास तीन अस्थायी कटाव बनाए गए हैं। जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 2 दिन पहले गंडक में 99 हजार क्यूसेक पानी था पर मंगलवार को यह बनकर 2.74 लाख जा पहुंचा। बुधवार को 4.12 लाख क्यूसेक के पानी पहुंचा। राहत की बात यह रही कि बुधवार की शाम इसमें तकरीबन 8000 क्यूसेक की कमी आई।
बगहा से फर्स्ट बिहार संवाददाता ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक वाल्मीकि नगर गंडक बराज के जलस्तर में गिरावट होने के कारण आज सुबह लोगों ने राहत महसूस की है। तकरीबन 2 लाख 90 हजाफ़ क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने से थोड़ी राहत जरूर हुई है। नेपाल के तराई वाले इलाकों में बारिश की रफ्तार भी पहले से कम हुई है।