हॉस्पिटल बंद करो..डॉक्टर यहां नहीं रहता है, युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा छपरा में हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, STF ने 5 तस्करों को दबोचा उच्च न्यायालय का आदेश भी नहीं मान रहा पटना आईआईटी, सैकड़ों स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर लगा: देव ज्योति कौन होगा बिहार का नया सीएम? मीडिया के इस सवाल पर बोले आनंद मोहन, कहा..BJP में पर्ची से तय होता है नाम बेगूसराय में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 12 हजार घूस लेते आपूर्ति पदाधिकारी और डीलर गिरफ्तार घूसखोर ESI की गिरफ्तारी का विरोध: परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने किया काम-काज ठप चिराग के सामने नरम पड़े पारस, करने लगे पार्टी और परिवार को एक करने की मांग, कहा..भतीजा CM बनें तो खुशी होगी नीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा का मामला पप्पू यादव ने लोकसभा में उठाया, कहा..दोषियों को मिले फांसी की सजा बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत
18-Apr-2025 10:24 AM
By Viveka Nand
Bihar Teacher News: शिक्षा विभाग के एक अधिकारी पर गाज गिरी है. रिटायरमेंट के बाद विभाग ने आरोपी अधिकारी को दंड देने का आदेश जारी किया है. सेवा में रहते आरोपी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने नियम विरूद्ध जाकर नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान किया था. जिसके बाद आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी.
नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान में किया था खेल
182 नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान शुरू करने के आरोपी सिवान के तत्कालीन जिला कार्यक्रम प्राधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्रा फंस गए हैं. शिक्षा विभाग ने आरोपी डीपीओ के रिटायरमेंट के बाद दंड का निर्धारण किया है. इस संबंध में शिक्षा विभाग की तरफ से संकल्प पर जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि सिवान के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्रा जो सेवा निवृत हो गए हैं, इन पर गंभीर आरोप थे. बिना प्रमाण पत्र जांच किए ही 182 नियोजित शिक्षकों का वेतन भुगतान शुरू करने, विभागीय आदेश के विपरीत आचरण करने संबंधी आरोप के बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी.
बीपीएससी से सहमति के बाद जारी हुआ पत्र
संचालन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आरोपी डीपीओ अमरेंद्र कुमार मिश्र की पेंशन से दो प्रतिशत की राशि कटौती 5 वर्षों तक करने का दंड निर्धारित किया गया. जिसे बिहार लोक सेवा आयोग ने सहमति दी. इसके बाद पेंशन भुगतान से 2% की कटौती 5 वर्षों तक करने का दंड निर्धारण किया गया है. निदेशक (प्रशासन) सुबोध कुमार चौधरी ने इस संबंध में 16 अप्रैल को पत्र जारी किया है.