PNG online apply : बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, इस तरह ऑनलाइन करें अप्लाई; LPG पर नए नियम से उपभोक्ताओं में हलचल IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार
21-Mar-2026 02:18 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार सरकार ने सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए 31 मार्च तक जीवन प्रमाणन कराना अनिवार्य कर दिया है। निर्धारित तिथि के बाद केवल उन्हीं पेंशनधारियों को पेंशन का भुगतान किया जाएगा, जिनका प्रमाणन पूरा हो चुका होगा।
सेवा केंद्रों के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 से निःशुल्क जीवन प्रमाणन की प्रक्रिया जारी है। बांका जिले में अब तक 1,80,521 पेंशनधारियों का प्रमाणन किया जा चुका है, लेकिन अभी भी कई लाभार्थी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। प्रमाणन नहीं होने के कारण मृत पेंशनधारियों के विवरण अभिलेखों में अद्यतन करने में कठिनाई हो रही है।
यह प्रमाणन मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन, निःशक्तता पेंशन, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित कुल छह योजनाओं के तहत सभी लाभार्थियों के लिए आवश्यक है। सरकार ने सभी पेंशनधारियों से अपील की है कि वे समय रहते अपना जीवन प्रमाणन अवश्य कराएं।
मृत पेंशनधारियों के मामलों में प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। मृत्यु की सूचना मिलने पर प्रमाण-पत्र या परिजनों से लिखित पुष्टि लेना आवश्यक होगा। यदि पुष्टि नहीं होती है, तो संबंधित पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी और इसकी सूचना पंचायत भवन व सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाशित की जाएगी।
साथ ही, यदि किसी जीवित व्यक्ति को गलत तरीके से मृत घोषित कर पेंशन बंद करने का मामला सामने आता है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखते हुए वास्तविक लाभार्थियों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करना है।