ब्रेकिंग न्यूज़

LPG supply rule : यदि आपके भी घर के पास पहुंच गई है PNG तो अब हर हाल में लेना होगा कनेक्शन, सरकार का सख्त आदेश, कहा —सिलेंडर होगा बंद PNG online apply : बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, इस तरह ऑनलाइन करें अप्लाई; LPG पर नए नियम से उपभोक्ताओं में हलचल IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

Home / bihar / बिहार में आर्थिक अपराधों पर EOU का कड़ा रुख, परीक्षा से लेकर खनन...

बिहार में आर्थिक अपराधों पर EOU का कड़ा रुख, परीक्षा से लेकर खनन और बैंक घोटाले तक हुई सख्त कार्रवाई

EOU Action in Bihar: बिहार में EOU ने 2026 में आर्थिक अपराधों पर कड़ा रुख अपनाया. परीक्षा, खनन, बैंक और GST घोटालों में सख्त कार्रवाई हुई. कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है.

20-Mar-2026 05:35 PM

By FIRST BIHAR

EOU Action in Bihar: बिहार में आर्थिक अपराधों के खिलाफ वर्ष 2026 में आर्थिक अपराध इकाई ने सख्त रुख अपनाया है। चाहे परीक्षा में धांधली हो, सरकारी धन का गबन हो या खनन और GST में फर्जीवाड़ा हर स्तर पर सख्त कार्रवाई देखने को मिली है।


आर्थिक अपराध इकाई में तैनात अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि सबसे अहम कार्रवाई परीक्षा प्रणाली को लेकर रही। SCERT से जुड़ी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक मामले में इकाई ने संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर छात्रों से पैसे लेकर परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र उपलब्ध करा रहा था। यह दर्शाता है कि अपराधी अब टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन पुलिस भी उसी स्तर पर जवाब दे रही है।


उन्होंने बताया कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी ईओयू ने सख्ती दिखाई। एक कार्यपालक अभियंता के खिलाफ 62% से अधिक अवैध संपत्ति का मामला दर्ज कर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकारी पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही तय की जा रही है।


पंकज कुमार ने बताया कि खनन क्षेत्र में सामने आया घोटाला बेहद चौंकाने वाला है। सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर OTP सिस्टम को बायपास करते हुए सैकड़ों लाइसेंसधारियों ने अवैध खनन किया, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ। इस मामले में दर्ज दर्जनों प्राथमिकी इस बात का प्रमाण हैं कि यह एक संगठित नेटवर्क था।


सहकारिता बैंकों में हुआ 100 करोड़ से अधिक का घोटाला भी वित्तीय व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। फर्जी LIC पॉलिसी के आधार पर लोन पास कर आम लोगों के पैसे का गबन किया गया। हालांकि, कई आरोपियों की गिरफ्तारी से यह साफ है कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को तोड़ने में लगी हैं।


इसके अलावा, बैंक-डाक विभाग घोटाले और GST फर्जीवाड़े में भी कार्रवाई कर वर्षों से फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह दिखाता है कि पुराने मामलों को भी गंभीरता से निपटाया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण पहल सरकारी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए विशेष टीम का गठन है। इससे भविष्य में होने वाले घोटालों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।