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20-Mar-2026 05:35 PM
By FIRST BIHAR
EOU Action in Bihar: बिहार में आर्थिक अपराधों के खिलाफ वर्ष 2026 में आर्थिक अपराध इकाई ने सख्त रुख अपनाया है। चाहे परीक्षा में धांधली हो, सरकारी धन का गबन हो या खनन और GST में फर्जीवाड़ा हर स्तर पर सख्त कार्रवाई देखने को मिली है।
आर्थिक अपराध इकाई में तैनात अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि सबसे अहम कार्रवाई परीक्षा प्रणाली को लेकर रही। SCERT से जुड़ी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक मामले में इकाई ने संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर छात्रों से पैसे लेकर परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र उपलब्ध करा रहा था। यह दर्शाता है कि अपराधी अब टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन पुलिस भी उसी स्तर पर जवाब दे रही है।
उन्होंने बताया कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी ईओयू ने सख्ती दिखाई। एक कार्यपालक अभियंता के खिलाफ 62% से अधिक अवैध संपत्ति का मामला दर्ज कर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकारी पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही तय की जा रही है।
पंकज कुमार ने बताया कि खनन क्षेत्र में सामने आया घोटाला बेहद चौंकाने वाला है। सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर OTP सिस्टम को बायपास करते हुए सैकड़ों लाइसेंसधारियों ने अवैध खनन किया, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ। इस मामले में दर्ज दर्जनों प्राथमिकी इस बात का प्रमाण हैं कि यह एक संगठित नेटवर्क था।
सहकारिता बैंकों में हुआ 100 करोड़ से अधिक का घोटाला भी वित्तीय व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। फर्जी LIC पॉलिसी के आधार पर लोन पास कर आम लोगों के पैसे का गबन किया गया। हालांकि, कई आरोपियों की गिरफ्तारी से यह साफ है कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को तोड़ने में लगी हैं।
इसके अलावा, बैंक-डाक विभाग घोटाले और GST फर्जीवाड़े में भी कार्रवाई कर वर्षों से फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह दिखाता है कि पुराने मामलों को भी गंभीरता से निपटाया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण पहल सरकारी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए विशेष टीम का गठन है। इससे भविष्य में होने वाले घोटालों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।