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03-Mar-2021 08:42 AM
PATNA : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जिन 106 छात्रों के एसटीईटी परीक्षा देने पर रोक लगा दी थी उनकी परीक्षा अब 3 महीने में बिहार बोर्ड को लेनी होगी. कोर्ट में बिहार बोर्ड को 106 छात्रों से जुड़े मामले में झटका लगा है.
हाई कोर्ट ने पिछले साल 28 जनवरी को हुई एसटीईटी परीक्षा में कदाचार और व्यवस्था को लेकर हंगामा करने वाले 106 छात्रों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को कहा है कि इन सभी छात्रों की परीक्षा 3 महीने के अंदर आयोजित की जाए. न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है.
पटना हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के वकील की तरफ से यह जानकारी दी गई कि एसटीटी परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने और परीक्षा के दौरान कदाचार और व्यवस्था को लेकर गया के जिला स्कूल सेंटर के छात्रों ने हंगामा किया था. बाद में परीक्षा समिति में परीक्षा को रद्द कर दिया फिर से परीक्षा लेने का आदेश भी दिया, लेकिन हंगामा करने के आरोप में 106 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया. इतना ही नहीं बिहार बोर्ड ने भविष्य में इनके एसटीइटी परीक्षा में शामिल होने पर भी रोक लगा दी.
कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील की तरफ से यह दलील दी गई थी कि जब परीक्षा समिति ने एसटीइटी परीक्षा को रद्द कर दिया तो इन छात्रों को परीक्षा से कैसे वंचित किया जा रहा है. उनका कहना था कि इन छात्रों को एडमिट कार्ड भी जारी नहीं किया जा रहा है. बिहार बोर्ड की तरफ से कोर्ट में 106 छात्रों के निष्कासन और भविष्य में उनके परीक्षा में शामिल होने पर रोक के फैसले को सही ठहराने का भरपूर प्रयास किया गया लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील नहीं मानी.