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Bihar News : 20 दिन की चुप्पी के बाद CBI पर कोर्ट सख्त, अब दिल्ली से होगी मॉनिटरिंग! नीट छात्रा केस में बड़ा ट्विस्ट

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा मोड़ आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) दिल्ली ने जांच की निगरानी अपने हाथ में ले ली है। कोर्ट की फटकार के बाद POCSO एक्ट भी जोड़ा गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 28, 2026, 8:19:26 AM

Bihar News : 20 दिन की चुप्पी के बाद CBI पर कोर्ट सख्त, अब दिल्ली से होगी मॉनिटरिंग! नीट छात्रा केस में बड़ा ट्विस्ट

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Bihar News : बिहार के चर्चित नीट छात्रा मौत मामले में अब और सख्ती बढ़ा दी गई है। जहानाबाद की रहने वाली नाबालिग छात्रा की पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई संदिग्ध मौत के मामले की निगरानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) दिल्ली ने अपने हाथ में ले ली है। ताजा जानकारी के अनुसार, सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी पटना में कैंप कर पूरी जांच प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।


सूत्रों की मानें तो यह फैसला तब लिया गया, जब पटना सिविल कोर्ट के पॉक्सो कोर्ट ने जांच की धीमी रफ्तार और गंभीरता को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट की फटकार के बाद ही दिल्ली मुख्यालय के अधिकारियों को सक्रिय किया गया, ताकि जांच में तेजी लाई जा सके और किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके। फिलहाल मामले में हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट को मुख्य आधार बनाकर जांच आगे बढ़ रही है।


कोर्ट ने इस पूरे मामले में सीबीआई को 30 मार्च तक अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। हालांकि, जांच की मूल संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केस की जांच अधिकारी (आईओ) के तौर पर विभा कुमारी ही बनी हुई हैं और उनकी टीम ही जांच को आगे बढ़ा रही है। इससे पहले इस केस की जांच एएसपी पवन श्रीवास्तव को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में जिम्मेदारी विभा कुमारी को दे दी गई।


गौरतलब है कि शुरुआत में इस मामले की जांच बिहार पुलिस कर रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव और विरोध के बाद केस को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बावजूद जांच की दिशा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। यहां तक कि कोर्ट ने भी पूछा कि शुरुआती 20 दिनों तक सीबीआई इस मामले में सक्रिय क्यों नहीं दिखी।


छात्रा की मौत को लेकर जांच एजेंसी अब हत्या और यौन उत्पीड़न दोनों पहलुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही है। खास बात यह रही कि शुरुआत में पॉक्सो एक्ट नहीं लगाया गया था, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। इसके बाद ही इस गंभीर धारा को केस में जोड़ा गया।


इस मामले में पीड़ित परिवार भी जांच से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। परिजनों ने सीबीआई पर ही सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि जांच सही दिशा में नहीं हो रही और उन्हें ही टारगेट किया जा रहा है। परिवार के वकील ने भी जांच एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। हालात ऐसे बने कि पूछताछ के दौरान छात्रा के मामा बीच में ही सीबीआई दफ्तर छोड़कर चले गए।


इसी बीच, सीबीआई की टीम हाल ही में जहानाबाद स्थित छात्रा के गांव भी पहुंची थी। टीम परिवार से बातचीत कर तथ्यों को समझना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने सहयोग नहीं किया। यहां तक कि टीम को घर में प्रवेश करने से भी रोक दिया गया। छात्रा की मां ने अधिकारियों से बात करने से इनकार कर दिया, जिससे जांच में और जटिलता बढ़ गई है।


मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो 6 जनवरी को छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया। करीब पांच दिनों तक इलाज चलने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया और सरकार पर भी दबाव बढ़ा।


अब जब सीबीआई दिल्ली ने सीधे निगरानी की कमान संभाल ली है और कोर्ट भी लगातार इस केस पर नजर रखे हुए है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जांच में तेजी आएगी और जल्द ही इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सकेगी।