DESK: NEET परीक्षा 2026 में कथित पेपर लीक और धांधली को लेकर देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच शुरू कर दी है और कई राज्यों में छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।
इसी क्रम में महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि शुभम बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) का छात्र है और उस पर NEET पेपर लीक मामले में शामिल होने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसने कथित तौर पर पेपर नासिक से 10 लाख रुपये में खरीदा था और बाद में हरियाणा के एक व्यक्ति को 15 लाख रुपये में बेच दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक की जानकारी टेलीग्राम ऐप के माध्यम से फैलाई गई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार पुणे से भी जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपना हेयर स्टाइल और लुक बदल लिया था तथा नासिक में छिपकर रह रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस और सीबीआई की टीम ने उसे दबोच लिया। सीबीआई की चार टीमें नासिक पहुंचीं और क्राइम ब्रांच यूनिट-2 कार्यालय से आरोपी शुभम खैरनार को अपनी हिरासत में लिया। इससे पहले नासिक क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था।
वहीं, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 150 छात्रों और 70 अभिभावकों की सूची सीबीआई को सौंपी है। आरोप है कि इन लोगों तक कथित लीक हुआ “गेस पेपर” पहुंचाया गया था। इसके अलावा एसओजी की हिरासत में मौजूद 13 एमबीबीएस काउंसलर्स को भी सीबीआई के हवाले कर दिया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गेस पेपर में 600 अंकों के वही सवाल शामिल थे, जो बाद में NEET परीक्षा में पूछे गए। विशेषज्ञों के अनुसार, 600 अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलने की संभावना रहती है।
इस मामले में राजस्थान एसआईटी और गुरुग्राम क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के गुरुग्राम से यश यादव नामक युवक को भी हिरासत में लिया है। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी भूमिका क्या थी, लेकिन जांच एजेंसियों को बड़े नेटवर्क का संदेह है।
उधर, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से मिली शिकायत के आधार पर सीबीआई ने NEET UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायत में कहा गया है कि परीक्षा से पहले ही कुछ गोपनीय दस्तावेजों के लीक होने की सूचना मिली थी, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल सीबीआई की विशेष टीमें देश के कई हिस्सों में जांच में जुटी हुई हैं और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।




