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24-Mar-2026 12:35 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार सरकार ने कारा कर्मियों के लिए बड़े पैमाने पर आवासीय सुविधाओं का निर्माण करने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य की 21 काराओं में कुल 44 बी-टाइप (G+3) आवासीय भवन का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत 202.04 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 88 करोड़ 89 लाख 76 हजार रुपये होगी। यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2025-26 और आगामी वर्षों में लागू की जाएगी।
बिहार कारा अधिनियम 2012 के नियमों के तहत मुख्य कक्षपाल और उससे ऊपर के अधिकारियों को कारा परिसर में किराया मुक्त आवास उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। इसके तहत 10 प्रतिशत कक्षपालों को पारिवारिक आवास और शेष कर्मियों को एकल आवासीय सुविधा प्रदान करने का प्रावधान है। वर्तमान में राज्य में कुल 5034 कक्षपाल पद स्वीकृत हैं। इस आधार पर मौजूदा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवासीय योजना तैयार की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि आवासीय भवनों का निर्माण निम्नलिखित काराओं में किया जाएगा: मुजफ्फरपुर-02, पूर्णिया-03, मोतिहारी-04, आरा-02, भभुआ-02, बेतिया-01, सिवान-02, दरभंगा-02, मधुबनी-02, सीतामढ़ी-02, सुपौल-02, कटिहार-02, किशनगंज-02, सहरसा-02, बेगूसराय-02, जमुई-02, लखीसराय-02, मुंगेर-02, शेखपुरा-02, औरंगाबाद-02 और नवादा-02। इन 21 काराओं में कुल 44 भवनों का निर्माण होगा।
श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को और प्रभावी, मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए लगातार आधारभूत संरचना के विकास पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पूर्वी चंपारण, अररिया, सारण, बेगूसराय और किशनगंज में कुल 46.44 करोड़ रुपये की लागत से थाना भवन और अन्य आधारभूत संरचना निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। अब 21 काराओं में 44 बी-टाइप आवासीय भवन बनने से कारा कर्मियों को बेहतर और आधुनिक आवासीय सुविधा प्राप्त होगी।
इस परियोजना से न केवल कर्मियों के रहने की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि उनके काम करने के वातावरण में भी सुधार आएगा। बेहतर आवासीय सुविधा मिलने से कारा कर्मियों को अपने कार्यों में अधिक केंद्रित होने और प्रभावी प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकार की कोशिश है कि सभी कारा परिसर में आधुनिक और सुरक्षित आवासीय भवन बनें, जिससे कर्मचारियों का जीवन स्तर सुधरे और कामकाजी माहौल बेहतर बने।
विभिन्न काराओं में निर्माणाधीन भवनों के माध्यम से कक्षपाल और अन्य अधिकारियों को पर्याप्त स्थान, परिवार के साथ रहने की सुविधा और आधुनिक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इस परियोजना की पूरी होने के बाद बिहार में कारा कर्मियों की आवासीय समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
राज्य सरकार का यह कदम कानून व्यवस्था को मजबूत करने, कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करने और कारा परिसर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस योजना के लागू होने से भविष्य में कारा कर्मियों को स्थायी और सुरक्षित आवास मिलेगा और राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।