Bihar Police : वर्दी का सपना होगा पूरा! बिहार पुलिस SI भर्ती 2026 का सुनहरा मौका, जानें आवेदन की आखिरी तारीख Bihar Budget Session 2026 : विधानसभा में आज बजट पर बोलेंगे तेजस्वी यादव, NEET छात्रा मौत को लेकर कानून व्यवस्था पर विपक्ष उठाएगा सवाल Bihar Cabinet Meeting : Bihar Cabinet Meeting: आज होगी सीएम नीतीश की अहम कैबिनेट बैठक, सदन की कार्यवाही के बाद बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर Bihar Vigilance : हिरासत में लिए गए ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर, घर से मिली मिली अकूत संपत्ति Rajgir Cricket Stadium : राजगीर में बना बिहार का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, इस साल से ipl मैचों की उम्मीद Bihar weather update :बिहार में बदला मौसम का मिजाज: बारिश, घना कोहरा और बढ़ता AQI, अलर्ट जारी मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा मुजफ्फरपुर में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो वायरल, तिमुल अध्यक्ष की फैमिली पर सवाल, ग्रामीण SP ने दिए जांच के आदेश पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि
09-Mar-2025 08:13 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार में सरकारी परीक्षाओं में धांधली कोई नई बात नहीं है। अलग-अलग सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली गिरोहों द्वारा लगातार प्रयास जारी रहते हैं और काफी हद तक ये लोग इसमें कामयाब भी हो जाते हैं। इसी क्रम में भागलपुर अब बाकी जिलों से आगे निकल चुका है।
यहाँ तक कि BPSC परीक्षाओं को भी इन गिरोहों द्वारा बक्शा नहीं जाता है। इसे रोकने के लिए लगातार छापेमारियां की जाती हैं, गिरफ्तारियां होती हैं मगर फिर भी इस पर पूरी तरह से रोक अभी नहीं लगाई जा सकी है।
बता दें कि बिहार में हुए सिपाही भर्ती में भी अभ्यर्थियों ने धांधली की जमकर कोशिश की और इस मामले में काफी गिरफ्तारियां भी हुई। भागलपुर जिला इन सेटिंग मामलों में बाकियों से काफी आगे चल रहा। सिपाही भर्ती में फिजिकल टेस्ट के दौरान 240 अभ्यर्थियों को धांधली में लिप्त पाया गया।
इनमें से 90 अभ्यर्थी धांधली करते हुए पकड़े गए. वहीं मुंगेर के 46 अभ्यर्थी इस मामले में शामिल पाए गए। ज्ञात हो कि कुछ समय पहले BPSC का प्रश्न पत्र भी लीक हुआ था। इस मामले में भी भागलपुर से कनेक्शन जुड़ा हुआ था।
ये गिरोह सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से अच्छी खासी रकम वसूलते हैं। इसी क्रम में भागलपुर से 90 अभ्यर्थी धांधली कर नौकरी पाने की फिराक में थे, लेकिन इनके मंसूबों पर पानी फिर गया।
पटना में हो रहे फिजिकल टेस्ट के दौरान जब बायोमेट्रिक जांच हुई तो उसमें इनकी उँगलियों के निशान नहीं मिल रहे थे। जिस वजह से इनका पर्दाफाश हो गया। आने वाले समय में इनकी मदद करने वालों को भी जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा।