ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर पति ने शव को दफनाया, फिर खुद थाने पहुंचकर किया सरेंडर बिहार में खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर पति ने शव को दफनाया, फिर खुद थाने पहुंचकर किया सरेंडर Bihar News: बीवी को छोड़ो, मेरे साथ रहो... प्रेमिका के दबाव में टूटा BPSC शिक्षक, बंद कमरे में उठाया खौफनाक कदम सासाराम: मैरिज हॉल रेड मामले में 23 महिलाओं को कोर्ट से मिली राहत, पीड़ित मानकर छोड़ा गया 7 अप्रैल को पटना में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक, सभी डीसीएलआर होंगे शामिल ट्रैक्टर चोर गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग समेत 4 गिरफ्तार, इनके कारनामे सुनकर हर कोई हैरान पटना 15 किलो सोना लूटकांड में SIT गठित, बदमाशों ने कस्टम अधिकारी बनकर लूट लिया था 22 करोड़ का गोल्ड; पुलिस के हाथ लगा खाली बैग पटना 15 किलो सोना लूटकांड में SIT गठित, बदमाशों ने कस्टम अधिकारी बनकर लूट लिया था 22 करोड़ का गोल्ड; पुलिस के हाथ लगा खाली बैग गेहूं काटने को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प, एक को लगी गोली कई लोग घायल मोतिहारी शराब कांड के मास्टरमाइंड ने किया सरेंडर, पुलिस की दबिश से परेशान होकर पहुंचा कोर्ट… अब तक 10 लोगों की हो चुकी है मौत

Home / bihar / बेगूसराय में डीएम और डॉक्टर आए आमने-सामने, सिविल सर्जन को अपमानित करने का...

बेगूसराय में डीएम और डॉक्टर आए आमने-सामने, सिविल सर्जन को अपमानित करने का लगाया आरोप

07-Apr-2020 04:16 PM

By Jitendra Kumar

BEGUSARAI:कोरोना महामारी के बीच एक तरफ जहां डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन रात मेहनत कर इससे निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ हरे राम कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि बेगूसराय डीएम के द्वारा डॉक्टरों को दबाव बनाते हुए अपमानित करने का काम किया जा रहा है।


दरअसल बीती देर शाम 10:00 बजे डीएम के द्वारा  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए डॉक्टरों के साथ-साथ अन्य पदाधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए बुलाया गया था जिसके दौरान डीएम के द्वारा सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मोहन वर्मा को असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए अपमानित किया जिससे डॉक्टर असहज हैं। डॉ हरे राम कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर डीएम हमें  प्रोत्साहित नहीं कर सकते हैं तो हतोत्साहित भी ना करें और ना ही  किसी भी पदाधिकारी को बेइज्जत करें।


इस संबंध में पूछे जाने पर बेगूसराय डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि क्योंकि यह विपदा की घड़ी है और इस समय किसी भी परिस्थिति में किसी भी अधिकारी के द्वारा चिकित्सकों को हतोत्साहित करने का काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके दो रास्ते हो सकते हैं लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर या तो कार्रवाई की जाए या थोड़े कड़े शब्दों में उन्हें समझाया जा सके लेकिन बावजूद इसके सभी लोग अच्छा काम कर रहे हैं।