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बिहार के सरकारी विद्यालय में रहस्यमयी मौत… रात में सोई छात्रा सुबह मिली मृत, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए संगीन आरोप

बिहार के मधेपुरा जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आठवीं कक्षा की छात्रा संतोषी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं और पुलिस मामले की जांच में जुट

बिहार के सरकारी विद्यालय में रहस्यमयी मौत… रात में सोई छात्रा सुबह मिली मृत, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए संगीन आरोप
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है, जहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


मृत छात्रा की पहचान मझुआ गांव निवासी बबलू शर्मा की पुत्री संतोषी कुमारी के रूप में हुई है। संतोषी पिछले दो वर्षों से अपनी छोटी बहन के साथ इसी आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिवार ने बेटी को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल की उम्मीद में यहां भेजा था, लेकिन अब उसकी अचानक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।


जानकारी के अनुसार, रविवार की रात विद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें संतोषी भी अन्य छात्राओं के साथ शामिल हुई थी। कार्यक्रम के बाद सभी छात्राओं ने भोजन किया और करीब 9:30 बजे अपने-अपने कमरों में सोने चली गईं। शुरुआती तौर पर सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है।


बताया जाता है कि तड़के करीब 3 बजे संतोषी की एक सहपाठी ने उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी वार्डन को दी। सूचना मिलने के बाद वार्डन मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के बजाय बच्चियों को ही तेल मालिश करने के लिए कहा गया। इस दौरान संतोषी की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और वह अचेत हो गई।


स्थिति गंभीर होते देख विद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया और यह भी बताया कि बच्ची की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।


इस घटना की खबर मिलते ही परिजन विद्यालय पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोगों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज और चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो शायद उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने घटना की सही जानकारी देने में भी देरी की।


सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधेपुरा भेज दिया है, ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।