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कौन हैं IAS कल्पना रावत? जिन्होंने बिना कोचिंग पढ़े क्रैक की UPSC की परीक्षा, अफसर पति बने मार्गदर्शक

IAS Success Story: बिहार में नई आईएएस कल्पना रावत ने पांचवें प्रयास में UPSC 2024 में 78वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं, पति सूर्य प्रताप सिंह के मार्गदर्शन से उन्हें सफलता मिली, जानिए.. सफलता की कहानी...

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 06, 2026, 2:56:38 PM

IAS Success Story

सफलता की कहानी - फ़ोटो Google

IAS Success Story: बिहार के प्रशासनिक विभाग के लिए खुशी की खबर है। राज्य को 11 नए और युवा आईएएस अधिकारी मिले हैं, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं – कुमुद मिश्रा, कल्पना रावत और फरखंदा कुरैशी। कुमुद मिश्रा रोहतास की रहने वाली हैं, कल्पना हरियाणा की और फरखंदा मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं।


इनमें सबसे दिलचस्प कहानी है कल्पना रावत की, जिन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं ली। उनके आईएएस पति सूर्य प्रताप सिंह ने उन्हें मार्गदर्शन दिया। उनके पति ने जटिल विषयों को आसान भाषा में समझाया, नोट्स तैयार किए और आंसर-राइटिंग की ट्रेनिंग दी। कल्पना ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर खुद को पढ़ाई में समर्पित किया।


कल्पना का पालन-पोषण हरियाणा के सोनीपत में हुआ, और दिल्ली के नजफगढ़ में पढ़ाई हुई। उनके पिता ठेकेदार हैं और भाई दिल्ली हाईकोर्ट में वकील। बचपन से ही कल्पना में असाधारण प्रतिभा थी। वह स्कूल में हाउस कैप्टन रही और नेशनल लेवल पर क्रिएटिव राइटिंग का अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया।


अपनी लगन और पति के मार्गदर्शन से कल्पना ने पांचवें प्रयास में UPSC 2024 में 78वीं रैंक हासिल की और बिहार में आईएएस अधिकारी के रूप में नियुक्त हुईं। उनके पति सूर्य प्रताप सिंह फिलहाल समस्तीपुर में डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। 


2024 में दोनों की शादी हुई थी, उस समय सूर्य प्रताप सिंह रोहतास में एसडीएम के पद पर थे। कल्पना रावत की सफलता दृढ़ निश्चय, परिवारिक समर्थन और आत्म-समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है, जो नई पीढ़ी के लिए मिसाल बन रही है।