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13-Mar-2026 01:06 PM
By First Bihar
Bihar political news : बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाला चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही पांचवीं सीट जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस बीच मोकामा के विधायक अनंत सिंह को लेकर कोर्ट के एक फैसले ने चुनावी समीकरण को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए हर उम्मीदवार को 41 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं, जिसके आधार पर चार सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन पांचवीं सीट पर मुकाबला कड़ा हो गया है क्योंकि राजद ने भी अपने उम्मीदवार एडी सिंह को मैदान में उतार दिया है। ऐसे में पांचवीं सीट को लेकर एनडीए और राजद के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
इसी बीच मोकामा से जदयू के विधायक अनंत सिंह को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार अनंत सिंह को कस्टडी में जेल से बिहार विधानसभा लाया जाएगा, जहां वे अपना वोट डालेंगे और उसके बाद वापस जेल भेज दिए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि अनंत सिंह इस समय मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड के मामले में जेल में बंद हैं। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा था कि वे राज्यसभा चुनाव में मतदान कर पाएंगे या नहीं। अब कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद एनडीए खेमे को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि हर वोट इस चुनाव में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक गणित की बात करें तो एनडीए के 202 विधायकों के आधार पर चार सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। लेकिन पांचवीं सीट के लिए उसके पास केवल 38 विधायक ही बचते हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोट जरूरी हैं। ऐसे में एनडीए को तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी। यही कारण है कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की रणनीति पर भी काम कर रहा है।
वहीं दूसरी तरफ राजद भी पांचवीं सीट जीतने के लिए पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरा है। राजद के 25 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 6, वामदलों के 3 और आईपीपी के 1 विधायक का समर्थन मिलाकर यह संख्या 35 होती है। इसके अलावा एआईएमआईएम के 5 विधायक भी हैं। हाल ही में एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी और बातचीत को सकारात्मक बताया था। माना जा रहा है कि एआईएमआईएम के पांचों विधायक राजद उम्मीदवार एडी सिंह का समर्थन कर सकते हैं।
इसके अलावा बसपा के एकमात्र विधायक का समर्थन भी राजद उम्मीदवार को मिलने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो राजद के खाते में 41 वोट पूरे हो सकते हैं, जो जीत के लिए जरूरी संख्या है। यही वजह है कि इस बार राज्यसभा की पांचवीं सीट का चुनाव काफी रोचक बन गया है।
एनडीए की तरफ से पांच उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, भाजपा से नितिन नवीन और शिवेश राम, जबकि रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। वहीं राजद की ओर से एडी सिंह चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में अब सबकी नजर 16 मार्च को होने वाले मतदान पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पांचवीं सीट पर किसकी रणनीति सफल होती है और आखिरकार एनडीए या राजद में से किसे जीत मिलती है।