Hindi News / bihar / patna-news / BIHAR NEWS : “मंत्री बने ‘भोलेनाथ’! सुरेंद्र मेहता की तस्वीर ने उठाए बड़े...

BIHAR NEWS : “मंत्री बने ‘भोलेनाथ’! सुरेंद्र मेहता की तस्वीर ने उठाए बड़े सवाल, विकास या दिखावा?”

बिहार के मंत्री सुरेंद्र मेहता की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह शिव रूप में नजर आ रहे हैं। इस पर लोगों ने तंज कसते हुए विकास और जिम्मेदारियों पर सवाल उठाए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 28, 2026, 11:49:40 AM

BIHAR NEWS : “मंत्री बने ‘भोलेनाथ’! सुरेंद्र मेहता की तस्वीर ने उठाए बड़े सवाल, विकास या दिखावा?”

- फ़ोटो

BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे भले ही जनता के एजेंडे में हों, लेकिन नेताओं की प्राथमिकताएं कुछ अलग ही नजर आ रही हैं। ताजा मामला राज्य सरकार के मंत्री सुरेंद्र मेहता से जुड़ा है, जिनकी एक “अनोखी” तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है।


तस्वीर में मंत्री जी पूरे “आध्यात्मिक अवतार” में नजर आ रहे हैं—माथे पर भभूति, शरीर पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष की माला और हाथ में त्रिशूल। कुल मिलाकर, ऐसा लग रहा है मानो राजनीति से सीधे कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान कर चुके हों। अब सवाल यह उठता है कि यह तस्वीर आस्था की अभिव्यक्ति है या फिर सुर्खियों में बने रहने का नया राजनीतिक प्रयोग?


बिहार की जनता शायद यह सोचकर हैरान है कि जिनके कंधों पर राज्य की जिम्मेदारी है, वे इन दिनों “देव रूप” में व्यस्त हैं। क्या यह वही बिहार है, जहां सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की समस्याएं अभी भी समाधान का इंतजार कर रही हैं? या फिर अब समस्याओं का समाधान “दैवीय रूप” धारण कर ही किया जाएगा?


राजनीति में धार्मिक आस्था कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब एक मंत्री इस तरह सार्वजनिक रूप से खुद को भगवान शिव के रूप में प्रस्तुत करते नजर आएं, तो सवाल उठना लाजिमी है। क्या यह जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश है, या फिर यह संदेश देने की कोशिश कि “अब हम ही सब संभाल लेंगे”?


सोशल मीडिया पर भी इस तस्वीर को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं कम दिलचस्प नहीं हैं। कुछ लोग इसे आस्था बता रहे हैं, तो कुछ इसे “राजनीतिक अभिनय” का नया अध्याय मान रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “जब काम से पहचान नहीं बनती, तो वेशभूषा ही सहारा बन जाती है।” वहीं दूसरे ने कहा, “अब विकास नहीं, अवतार दिखेगा।”


गौर करने वाली बात यह है कि जनता को अपने प्रतिनिधियों से उम्मीद होती है कि वे जमीन पर काम करें, समस्याओं का समाधान निकालें और राज्य को आगे बढ़ाएं। लेकिन जब मंत्री जी खुद को “शिव रूप” में पेश करते नजर आएं, तो यह उम्मीद थोड़ी डगमगाने लगती है।


अब देखना यह होगा कि सुरेंद्र मेहता की यह तस्वीर सिर्फ एक धार्मिक भावनाओं का प्रदर्शन है या फिर आने वाले दिनों में “नई राजनीतिक शैली” की झलक। फिलहाल तो बिहार की राजनीति में यह तस्वीर चर्चा का विषय जरूर बन गई है—और जनता यह सोचने पर मजबूर है कि उसे विकास चाहिए या “वेशभूषा वाला विमर्श।”