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BIHAR NEWS : 'निषादों को उनका हक चाहिए ...', मुकेश सहनी ने फिर दोहराई आरक्षण की मांग, कहा - जिस राज्य में निषाद जागरूक रहे वहां मिला हक़

बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने पूर्वी चंपारण में आयोजित कार्यक्रम में निषाद समाज के आरक्षण, शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 28, 2026, 12:14:29 PM

BIHAR NEWS : 'निषादों को उनका हक चाहिए ...',  मुकेश सहनी ने फिर दोहराई आरक्षण की मांग, कहा - जिस राज्य में निषाद जागरूक रहे वहां मिला हक़

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BIHAR NEWS : विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी पूर्वी चंपारण जिले के ताजपुर सरैया पहुंचे, जहां उन्होंने बाबू अमर सिंह महाराज के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया।समारोह को संबोधित करते हुए वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि आज के दौर में शिक्षित होना जरूरी है। जब समाज शिक्षित हो जाएगा, तो कई समस्याएँ अपने आप हल हो जाएंगी।


उन्होंने निषादों के आरक्षण की चर्चा करते हुए कहा कि जिस राज्य में निषाद जागरूक रहे, वहां उन्हें आरक्षण मिला, लेकिन बिहार में आज भी इस मांग को लेकर संघर्ष जारी है। उन्होंने आगे कहा कि आज आरक्षण न होने के कारण एक भी निषाद का बेटा कलेक्टर नहीं बन पाया है। उन्होंने लोगों से संघर्ष करने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें किसी और का हिस्सा नहीं चाहिए, बल्कि अपना हक चाहिए।


उन्होंने कहा कि आज जिसके पास सत्ता होती है, उसकी समस्याओं का समाधान भी हो जाता है। प्रदेश और केंद्र में जहां जिसकी सरकार है, वहां चेहरा और जाति देखकर काम किया जा रहा है। सरकार को जाति नहीं, बल्कि गरीब देखकर काम करना चाहिए।


उन्होंने लोगों से संगठित होने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। जो समाज राजनीति में मजबूत होता है, वही आगे बढ़ता है। जो समाज सत्ता में आएगा, उसका कल्याण निश्चित है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज केंद्र में बैठे लोग हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर लोगों को बांटते हैं और 10 हजार रुपये देकर वोट खरीद लेते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो अच्छा काम करे, उसी को वोट दें।


यूजीसी कानून का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार कमजोर वर्ग को सुरक्षा देने में विफल रही है। सरकार ने कानून बनाया, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण उसे अदालत के जरिए रुकवा दिया गया और अब सरकार चुप है।