धर्मGanga Maa: हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाती है गंगा, विलुप्ति की दी चेतावनी
हिंदू धर्म में गंगा को केवल एक नदी के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि देवी की तरह पूजनीय और पवित्र माना जाता है। यही कारण है कि गंगा को माता कहकर संबोधित किया जाता है।

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धर्महिंदू धर्म में गंगा को केवल एक नदी के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि देवी की तरह पूजनीय और पवित्र माना जाता है। यही कारण है कि गंगा को माता कहकर संबोधित किया जाता है।
धर्मवैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ का व्रत किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माताओं द्वारा अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए रखा जाता है।
धर्ममहाकुंभ में देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी कई श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु भारत की सनातन संस्कृति के कायल हो गए हैं।
Breakingधर्मMAHA KUMBH 2025: मकर संक्रांति के दिन महाकुंभ का पहला अमृत स्नान किया जा रहा है। घाटों पर अहले सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। सबसे पहले नागा साधुओं के अखाड़े ने अमृत स्नान किया।
Breakingधर्मMakar Sankranti: मकर संक्रांति के मौके पर पुडुचेरी के यामन में एक नए दामाद का ऐसा स्वागत हुआ कि दामाद के साथ साथ इस नजारे को देखने वाले लोग भी हैरान रह गए. ससुराल में दामाद के सामने 470 प्रकार के व्यंजन परोसे गए.
Breakingधर्मMaha Kumbh 2025 ने भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को आकर्षित किया है।
धर्महनुमान जी की पूजा और उनके पाठों में अपार शक्ति और प्रभाव निहित है। विशेष रूप से सुंदरकांड और बजरंगबाण का पाठ व्यक्ति के जीवन में अद्भुत परिवर्तन ला सकता है।
धर्ममहाकुंभ मेला 2025 का आयोजन प्रयागराज में शुरू हो चुका है, और इस मौके पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। कुंभ मेला का मुख्य आकर्षण भगवान शिव से जुड़ी मान्यताओं और विशेष रूप से नागा साधुओं के आयोजन के कारण है।
धर्मरामनगरी अयोध्या में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिकोत्सव का आज आखिरी दिन है, जो तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हर दिन लगभग दो लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे।
Breakingधर्मMakar Sankranti 2025: आज मकर संक्रांति का त्योहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. मकर संक्रांति पर 19 साल बाद अद्भुत संयोग बन रहा है. आज महापुण्यकाल में आस्था की डुबकी शुभ फलदायी होगी.
धर्मखाटू श्याम जी मंदिर, जो देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है, में इन दिनों भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खासकर नए साल के पहले दिन से ही बाबा श्याम के दर्शन के लिए भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं।
धर्ममकर संक्रांति 2025, 14 जनवरी को मनाई जाएगी, जब सूर्य देव मकर राशि में गोचर करेंगे। यह दिन विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि सूर्य का राशि परिवर्तन कई राशियों के जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।