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Maha Kumbh 2025: अमेरिकन सोल्जर माइकल भारत आकर बन गए 'बाबा मोक्षपुरी', सनातन शक्ति ने मोहा मन, मैक्सिको में खोलेंगे आश्रम

Maha Kumbh 2025 ने भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को आकर्षित किया है।

Maha Kumbh 2025
सोल्जर से बाबा बने माइकल
© google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Maha Kumbh 2025: देश और दुनिया पर महाकुंभ का रंग चढ़ने लगा है। भारत ही नहीं, दुनिया भर के तमाम सनातन धर्मावलंबी प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। न्यू मैक्सिको के रहने वाले एक ऐसे ही बाबा लोगों के बीच लाइमलाइट में हैं।जिनका नाम बाबा मोक्षपुरी है।अमेरिकी सोल्जर रहे माइकल को लोग अब बाबा मोक्षपुरी के नाम से बुलाते हैं।


बाबा मोक्षपुरी ने आध्यात्मिक यात्रा और सनातन धर्म से जुड़ने के बारे में बताते हुए कहा कि, "मैं भी कभी साधारण व्यक्ति था। परिवार और पत्नी के साथ समय बिताना और घूमना मुझे पसंद था। सेना में भी शामिल हुआ। लेकिन एक समय ऐसा आया जब मैंने महसूस किया कि जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है। तभी मैंने मोक्ष की तलाश में इस अनंत यात्रा की शुरुआत की।" आज वे जूना अखाड़े से जुड़े हैं और अपना पूरा जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर चुके हैं।


अमेरिका में जन्मे बाबा मोक्षपुरी ने साल 2000 में पहली बार अपनी पत्नी और बेटे के साथ भारत की यात्रा की। उन्होंने बताया कि "वह यात्रा मेरे जीवन की सबसे यादगार घटना थी। इसी दौरान मैंने ध्यान और योग को जाना और पहली बार सनातन धर्म के बारे में समझा। भारतीय संस्कृति और परंपराओं ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। "


बाबा मोक्षपुरी के जीवन में बड़ा बदलाव तब आया जब उनके बेटे का असमय निधन हो गया। इस दौरान उन्हें ये समझ आया कि जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है। जिसके बाद ध्यान और योग को उन्होंने अपनी शरणस्थली बनाया। 


बाबा मोक्षपुरी अब दुनिया भर में घूमकर भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की शिक्षाओं का प्रचार कर रहे हैं। 2016 में उज्जैन कुंभ के बाद से उन्होंने हर महा कुंभ में भाग लेने का संकल्प लिया है। भारत की आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े बाबा मोक्षपुरी अब न्यू मैक्सिको में एक आश्रम खोलने की योजना बना रहे हैं, जहां से वे भारतीय दर्शन और योग का प्रचार करेंगे।

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