धर्मJanaki Jayanti: कब है जानकी जयंती, माता सीता के प्राकट्य का पर्व और महत्व जानें
जानकी जयंती, जिसे सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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धर्मजानकी जयंती, जिसे सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।
धर्मवास्तु शास्त्र केवल घर के निर्माण और सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें घर की सफाई और उसे सकारात्मक ऊर्जा से भरने के तरीके भी बताए गए हैं। घर में सुख, शांति, समृद्धि, और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए सफाई करें।
धर्मइस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व खास महत्व लेकर आया है, क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन एक अद्भुत और दुर्लभ ग्रह संयोग बन रहा है। कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध और शनि एक साथ गोचर करेंगे, जो बेहद शुभ योग का निर्माण करेगा।
धर्ममहाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन शिवलिंग पर विशेष वस्तुओं का अभिषेक करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।
धर्मज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है। इसे ग्रहों का सेनापति भी कहा जाता है। जब कोई ग्रह वक्री होता है, तो उसका प्रभाव कमजोर हो जाता है, लेकिन मार्गी होने पर उसकी ऊर्जा और प्रभाव तेजी से बढ़ जाते हैं।
धर्महोलाष्टक, होली से पहले के आठ दिनों का वह समय है जिसे हिंदू धर्म में अशुभ माना गया है। इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर रोक होती है। होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होकर होलिका दहन तक चलता है।
धर्मफाल्गुन अमावस्या, जो इस वर्ष 27 फरवरी 2025 को पड़ रही है, हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। इस दिन गंगा स्नान, तर्पण और दान-पुण्य करने का विधान है, जिससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
धर्मसनातन धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा अनिवार्य मानी जाती है। हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेश जी की उपासना का विशेष महत्व होता है।
धर्मचार धाम यात्रा को हिंदू धर्म में एक बेहद महत्वपूर्ण और पुण्यकारी यात्रा माना गया है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, और यमुनोत्री इन चार धामों की यात्रा व्यक्ति के जीवन को आध्यात्मिकता से भर देती है।
धर्मगुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, जिन्हें सृष्टि के पालनकर्ता और सौभाग्य के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।
धर्मयह लेख मासिक कृष्ण जन्माष्टमी और संतान गोपाल स्तोत्र पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि फाल्गुन महीने में 20 फरवरी 2025 को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी व्रत किया जाएगा। इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं।
धर्ममासिक कालाष्टमी हिंदू धर्म में एक पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है, जो भगवान शिव के रौद्र रूप, काल भैरव, की आराधना के लिए समर्पित है। यह दिन तंत्र-मंत्र की साधना और विशेष पूजा-अर्चना के लिए जाना जाता है।