Bihar News : बिहार की मिट्टी ने देश को साहित्य, लोककला और रंगमंच की दुनिया में कई बड़ी प्रतिभाएं दी हैं। अब इसी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई उड़ान देने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का नया कैंपस स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले को राज्य के कला और रंगमंच जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
केंद्र की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में NSD कैंपस की स्थापना राज्य की समृद्ध नाट्य और प्रदर्शन कला परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
बिहार के कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच
NSD का कैंपस बिहार में खुलने से राज्य के युवा कलाकारों के लिए पेशेवर प्रशिक्षण के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। अब अभिनय के साथ-साथ रंगमंच निर्देशन, स्टेजक्राफ्ट, प्रदर्शन कला और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में युवाओं को बेहतर संस्थागत अवसर मिल सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कालिदास, रामवृक्ष बेनीपुरी और भिखारी ठाकुर जैसी महान विभूतियों की भूमि रही है। बिहार की लोकनाट्य और प्रदर्शन कलाओं की अपनी अलग पहचान है। ऐसे में NSD का कैंपस इस परंपरा को आधुनिक प्रशिक्षण और शोध से जोड़ने में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है।
गांव-कस्बों की प्रतिभाओं को मिल सकता है फायदा
बिहार में रंगमंच और लोककलाओं से जुड़े कई कलाकार लंबे समय से बेहतर प्रशिक्षण और बड़े मंच की तलाश में रहते हैं। राज्य में NSD का संस्थान बनने से छोटे शहरों और कस्बों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण और नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिल सकता है।
विशेषज्ञों और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बिहार में थिएटर, अभिनय और प्रदर्शन कला से जुड़ी गतिविधियों को संस्थागत मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही राज्य की पारंपरिक लोककलाओं को संरक्षित करने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।
फिल्म सिटी का ऐलान भी कर चुके हैं सीएम
दिलचस्प बात यह है कि बिहार सरकार हाल के दिनों में मनोरंजन और फिल्म क्षेत्र को लेकर लगातार बड़े संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ समय पहले बिहार में फिल्म सिटी बनाने का ऐलान किया था।
‘भोजपुरी बवाल’ कार्यक्रम के ग्रैंड फिनाले में पहुंचे मुख्यमंत्री ने भोजपुरी जगत के कलाकारों से फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह चुनने में सहयोग करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि बिहार के युवाओं में अभिनेता, निर्देशक, लेखक, संगीतकार और फिल्म निर्माण से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रतिभा मौजूद है।
सरकार के मुताबिक बिहार में करीब 54 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति भी दी जा चुकी है। ऐसे में NSD कैंपस और प्रस्तावित फिल्म सिटी को राज्य में फिल्म और थिएटर से जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुनील शेट्टी भी जता चुके हैं फिल्म निर्माण की इच्छा
बिहार में फिल्म निर्माण को लेकर बॉलीवुड की दिलचस्पी भी सामने आ रही है। मशहूर अभिनेता सुनील शेट्टी ने हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने बिहार में जल्द फिल्म निर्माण करने की इच्छा जताई थी।
ऐसे में NSD कैंपस की मंजूरी को केवल एक संस्थान की स्थापना के तौर पर नहीं, बल्कि बिहार में रंगमंच, फिल्म और प्रदर्शन कला के लिए नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में अभिनय और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में प्रशिक्षण और अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।





