ब्रेकिंग
तेल टैंकर की आड़ में तस्करी का खेल: बांका में 72 कार्टन अवैध शराब जब्त, ड्राइवर और खलासी गिरफ्तारगणेश पूजा के दौरान आर्केस्ट्रा में अश्लीलता की सारी हदें पार, आपत्तिजनक डांस का VIDEO वायरलखेत में पटवन के लिए मोटर चालू करते ही करंट की चपेट में आए किसान, मौके पर ही दर्दनाक मौतबिहार की इस पंचायत में बड़ा फर्जीवाड़ा, 56 लाख की खरीदारी में खुली पोल, अब नपेंगे मुखिया और पंचायत सचिवBihar News : बिहार में राशन कार्ड का नया नियम लागू, पहले करना होगा ये जरूरी काम; नहीं तो अटक जाएगा कार्डतेल टैंकर की आड़ में तस्करी का खेल: बांका में 72 कार्टन अवैध शराब जब्त, ड्राइवर और खलासी गिरफ्तारगणेश पूजा के दौरान आर्केस्ट्रा में अश्लीलता की सारी हदें पार, आपत्तिजनक डांस का VIDEO वायरलखेत में पटवन के लिए मोटर चालू करते ही करंट की चपेट में आए किसान, मौके पर ही दर्दनाक मौतबिहार की इस पंचायत में बड़ा फर्जीवाड़ा, 56 लाख की खरीदारी में खुली पोल, अब नपेंगे मुखिया और पंचायत सचिवBihar News : बिहार में राशन कार्ड का नया नियम लागू, पहले करना होगा ये जरूरी काम; नहीं तो अटक जाएगा कार्ड

MahaKumbh 2025: अमृत स्नान का महत्व, तिथि और शुभ मुहूर्त जानें

महाकुंभ, जो विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है, जल्द ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने जा रहा है। यह मेला लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, पुण्य और मोक्ष प्राप्ति का माध्यम है।

MahaKumbh 2025
MahaKumbh 2025
© MahaKumbh 2025
User1
2 मिनट

MahaKumbh 2025: महाकुंभ, जिसे विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला कहा जाता है, जल्द ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुरू होने जा रहा है। यह मेला मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक चलता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करने आते हैं। विशेष रूप से अमृत स्नान का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दिन स्नान करने से कष्ट दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है।


अमृत स्नान 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त:

महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा, जो 28 जनवरी को शाम 07:35 बजे शुरू होकर 29 जनवरी को शाम 06:05 बजे समाप्त होगा। इस दिन तीन महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त होंगे, जिनमें श्रद्धालु अमृत स्नान का लाभ उठा सकते हैं:


ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:25 से 06:18 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:22 से 03:05 तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:55 से 06:22 तक


अमृत स्नान के नियम:

अमृत स्नान के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है, ताकि उसका पूर्ण लाभ मिल सके:

साफ-सफाई: स्नान करते समय साबुन और शैम्पू का प्रयोग न करें, और केवल प्राकृतिक रूप से नदी में स्नान करें।

दान: अन्न, धन और वस्त्र का दान करना पुण्य का काम है, जो अमृत स्नान के प्रभाव को बढ़ाता है।

दीप दान: अमृत स्नान के दौरान दीप दान करना शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में प्रकाश आता है।

आस्था और भक्ति: स्नान करते समय श्रद्धा और भक्ति का भाव बनाए रखें, और मन को शांत व पवित्र रखें।

पवित्रता बनाए रखें: स्नान के बाद शारीरिक और मानसिक पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।

महाकुंभ का यह पर्व आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, और अमृत स्नान श्रद्धालुओं को मोक्ष की ओर मार्गदर्शन करता है। इन नियमों का पालन करने से श्रद्धालु इस पवित्र स्नान का पूर्ण लाभ उठा सकते हैं।