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police team attack : पटना के पास पुलिस टीम पर हमला, थानाध्यक्ष समेत 7 पुलिसकर्मी घायल

पटना के पास सालिमपुर थाना क्षेत्र में बाढ़ के बीच पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस हमले में थानाध्यक्ष समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले में जांच और गिरफ्तारी जारी।

police team attack : पटना के पास पुलिस टीम पर हमला, थानाध्यक्ष समेत 7 पुलिसकर्मी घायल
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

police team attack : राजधानी पटना से सटे बाढ़ क्षेत्र से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। बाढ़ अनुमंडल के सालिमपुर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर स्थानीय लोगों के हमले की घटना हुई, जिसमें थानाध्यक्ष सहित सात पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और स्थिति पर नियंत्रण पाया।


मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय घटी जब पुलिस टीम ने गंगा नदी से लापता व्यक्ति का शव बरामद किया। मृतक की पहचान लखीपुर निवासी कन्हैया शर्मा के रूप में हुई है। कन्हैया शर्मा दो दिन से लापता थे और परिजन शुरू से ही उनके अपहरण और हत्या की आशंका जता रहे थे।


परिवार के अनुसार, 16 दिसंबर की शाम कन्हैया शर्मा अपने भाई के साथ रामनगर दियारा इलाके में खेत देखने गए थे। इसी दौरान हथियारबंद कुछ लोग उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। इसके बाद परिजनों ने सालिमपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


शुक्रवार को जब पुलिस ने गंगा नदी से कन्हैया शर्मा का शव बरामद किया, तो स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे। इस पर गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस पर हमला कर दिया। लोगों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भी की। इस हिंसक घटना में सालिमपुर थानाध्यक्ष समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों का इलाज बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कराया गया।


घायल पुलिसकर्मियों में अनंत कुमार, मनोज कुमार, सतीश चंद्र, राजेश गुप्ता सहित अन्य शामिल हैं। एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने कन्हैया शर्मा के लापता होने पर पर्याप्त कदम नहीं उठाए और समय पर कार्रवाई नहीं की। इस कारण उनके परिवार और ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस की ओर बढ़ गया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो यह हिंसक स्थिति नहीं बनती।


इस घटना ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर इलाके में स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की है।


बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को इस हिंसक स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन अचानक हुए हमले ने उनकी सुरक्षा के लिए चुनौती पैदा कर दी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा प्रबंधों को और सख्त किया जाएगा।


स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस बात को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि इलाके में कोई और हिंसा न हो। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का मानना है कि जल्दी ही सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।


इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता की लकीर खींच दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अक्सर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, लेकिन इस बार स्थिति हिंसक रूप ले गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समुदाय के लोगों के साथ मिलकर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाएगी।


इस मामले में प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही घायल पुलिसकर्मियों की पूरी तरह से सुरक्षा और इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।


सालिमपुर थाना क्षेत्र में यह घटना यह दर्शाती है कि बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के समय कानून व्यवस्था बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रशासन की कोशिश है कि लोग शांतिपूर्ण ढंग से सहयोग करें और किसी भी तरह की हिंसा से बचें। इस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया अब भी जारी है। प्रशासन ने इलाके के लोगों से अपील की है कि वे स्थिति को समझें और पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करें।