ब्रेकिंग
BIHAR के पूर्व CM भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, पटना में प्रतिमा-म्यूजियम की भी मांग, आंदोलन की चेतावनीमां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारBIHAR के पूर्व CM भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, पटना में प्रतिमा-म्यूजियम की भी मांग, आंदोलन की चेतावनीमां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबार

Hindu circuit in Bihar: बिहार में बन रहा हिंदू सर्किट, जानिए कौन-कौन से मंदिर होंगे शामिल

Hindu circuit in Bihar:धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने राज्य का पहला हिंदू सर्किट तैयार करने की योजना बनाई है। इस सर्किट में 14 प्रमुख मंदिरों को शामिल किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी

हिंदू सर्किट, Hindu Circuit, बिहार पर्यटन, Bihar Tourism, धार्मिक पर्यटन, Religious Tourism, मंदिर यात्रा, Temple Tour, अजगैवीनाथ धाम, Ajgaivinath Dham, सुल्तानगंज, Sultanganj, कांवड़ यात्रा, Kanwar Y
प्रतीकात्मक तस्वीर
© Google
Viveka Nand
2 मिनट

Hindu circuit in Bihar: बिहार सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य का पहला हिंदू सर्किट तैयार करने की योजना बनाई है। इस सर्किट में 14 प्रसिद्ध मंदिरों को शामिल किया जाएगा।


बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा इस पहल से देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जाएगा और हिंदू पर्यटकों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह बिहार का पहला आधिकारिक हिंदू सर्किट होगा।

इन मंदिरों को मिलेगी जगह

भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम को इस सर्किट में शामिल किया गया है। यह मंदिर उत्तरी वाहिनी गंगा के बीच स्थित पहाड़ी पर बना हुआ है, जहां हर साल लाखों कांवड़िये जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा सहरसा जिले के ये प्रसिद्ध मंदिर सर्किट में शामिल होंगे—

उग्रतारा मंदिर ,रक्त काली मंदिर ,चंडी स्थान मंदिर | साथ ही, मधेपुरा जिले का सिंहेश्वर स्थान मंदिर और लखीसराय जिले का अशोक धाम मंदिर भी इस सर्किट का हिस्सा होंगे।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदू सर्किट से इन मंदिरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।