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विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC की बढ़ीं मुश्किलें, पार्टी मुख्यालय खाली करने का मिला नोटिस

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को अस्थायी मुख्यालय खाली करने का नोटिस मिला है। भवन मालिक ने दो महीने के भीतर कार्यालय छोड़ने को कहा है, जबकि पार्टी जल्द पुराने मुख्यालय में लौटने की तैयारी कर रही है।

West Bengal Politics
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और सत्ता से बाहर होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। अब पार्टी के अस्थायी मुख्यालय ‘तृणमूल भवन’ को लेकर भी नया विवाद खड़ा हो गया है। कोलकाता के ईएम बाइपास के पास स्थित बहुमंजिला इमारत के मालिक ने पार्टी को दो महीने के भीतर कार्यालय खाली करने का नोटिस भेजा है।


एपी कैनाल साउथ रोड स्थित इस भवन के मालिक मनोतोस साहा उर्फ मोंटू साहा ने तृणमूल नेतृत्व से तय समय सीमा के अंदर दफ्तर खाली करने को कहा है। दरअसल, वर्ष 2022 में तपसिया स्थित पार्टी के स्थायी मुख्यालय के पुनर्निर्माण के चलते तृणमूल कांग्रेस ने इस इमारत को अस्थायी कार्यालय के रूप में किराये पर लिया था। शुरुआत में यह समझौता दो वर्षों के लिए हुआ था, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया।


अब किराये की अवधि समाप्त होने के बाद भवन मालिक ने अपनी संपत्ति वापस लेने का फैसला किया है। मोंटू साहा का कहना है कि 4 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद से उन्हें भवन पर हमले और नुकसान की आशंका बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि संपत्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पार्टी से कार्यालय खाली करने को कहा गया है।


भवन मालिक के अनुसार, तृणमूल नेतृत्व ने मौखिक रूप से दो महीने के भीतर कार्यालय खाली करने का भरोसा दिया है और सभी बकाया किराया भी चुका दिया गया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी ने भवन किराये पर लिया था और यदि मालिक अब उसे वापस चाहते हैं तो यह उनका अधिकार है।


सूत्रों के मुताबिक, तपसिया रोड स्थित तृणमूल कांग्रेस के पुराने और स्थायी मुख्यालय का मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पार्टी जल्द ही अपने पुराने कार्यालय में लौट सकती है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता