ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर में सेक्स रैकेट का बड़ा खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग बच्चियां बरामदसहरसा में 35 वर्षीय ऑटो ड्राइवर ने की आत्महत्या, पारिवारिक कलह की आशंकादिल्ली में बैठकर अमेरिका के लोगों से 100 करोड़ की ठगी, 11 साइबर अपराधी गिरफ्तारसमस्तीपुर छेड़खानी कांड पर बोले जीतन राम मांझी, कहा- ‘सबका इलाज होगा’परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, 334 चलन्त दस्ता सिपाहियों का ट्रांसफर लिस्ट देखें..मुजफ्फरपुर में सेक्स रैकेट का बड़ा खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग बच्चियां बरामदसहरसा में 35 वर्षीय ऑटो ड्राइवर ने की आत्महत्या, पारिवारिक कलह की आशंकादिल्ली में बैठकर अमेरिका के लोगों से 100 करोड़ की ठगी, 11 साइबर अपराधी गिरफ्तारसमस्तीपुर छेड़खानी कांड पर बोले जीतन राम मांझी, कहा- ‘सबका इलाज होगा’परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, 334 चलन्त दस्ता सिपाहियों का ट्रांसफर लिस्ट देखें..

ठाकरे सरकार का बहुमत परीक्षण कल ! ... 'अच्छे नंबर' से पास होने का महाविकास अघाड़ी का दावा

MUMBAI : महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे कल यानि शनिवार को सदन में सरकार का बहुमत साबित करेंगे। सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक ठाकरे सरकार को तीन दिसंबर तक का वक्त दिया गया था

FirstBihar
Desk
2 मिनट

MUMBAI : महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे कल यानि शनिवार को सदन में सरकार का बहुमत साबित करेंगे। सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक ठाकरे सरकार को तीन दिसंबर तक का वक्त दिया गया था लेकिन वे शनिवार को ही बहुमत साबित करेंगे।

शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन महा विकास आघाड़ी का ये दावा है कि उनके पास 162 विधायकों का समर्थन है। राज्य में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 145 है। विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 288 है।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में शिवसेना को 56, कांग्रेस को 44 और एनसीपी को 54 सीटें मिली हैं. अगर तीनों दलों के आंकड़े को ही जोड़ दें तो ये 154 होता है. यानी सिर्फ तीन दल ही मिलकर आसानी से बहुमत साबित कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों के विधायकों का भी महा विकास आघाड़ी को समर्थन है।

राज्य में बीजेपी 105 सीटों के साथ सबसे बनी पार्टी बनकर उभरी। उसने शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ा लेकिन दोनों दलों के बीच सरकार बनाने को लेकर सहमति नहीं पाई. इस बीच जब राज्यपाल ने सरकार बनाने के के लिए बीजेपी को न्योता दिया तो उसने कहा कि उनके पास नंबर नहीं हैं। हालांकि एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत 23 नवंबर को अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस को समर्थन दे दिया। इसके बाद उसी दिन सुबह आठ बजे देवेंद्र फडणवीस ने सीएम और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।

वहीं 26 नवंबर को दोपहर तीन बजे के करीब अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इसके कुछ देर बाद ही देवेंद्र फडणवीस ने भी अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। इसतरह से करीब 80 घंटों के भीतर ही फडणवीस की सरकार गिर गई थी। 


टैग्स