1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 15 Sep 2025 10:18:59 AM IST
जीवेश मिश्रा पर गंभीर आरोप - फ़ोटो FILE PHOTO
Bihar Politics : बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट के मंत्री जीवेश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की है। तेजस्वी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि मंत्री मिश्रा ने अपने इलाके में सड़क की स्थिति पर सवाल पूछने वाले एक पत्रकार के साथ न सिर्फ मारपीट करवाई, बल्कि खुद भी हमले में शामिल रहे।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि पत्रकार धीरज नाम के युवा रिपोर्टर ने जब सड़क निर्माण को लेकर मंत्री से सवाल किया तो वहां मौजूद समर्थकों ने उसकी पिटाई कर दी। वीडियो में कथित तौर पर मंत्री मिश्रा खुद पुलिसकर्मियों से कहते नजर आ रहे हैं—“पीटो इसको।” इस घटना का मामला अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घटना पत्रकारिता पर हमला है और लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। उन्होंने बताया कि पीड़ित पत्रकार अपनी शिकायत लेकर थाने गए, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। तेजस्वी ने कहा—“क्या बिहार में कानून का राज खत्म हो गया है? गरीब को शराब के नाम पर पकड़कर जेल भेजा जाता है, लेकिन जब मंत्री खुद अपराध करते हैं तो उन पर कार्रवाई तक नहीं होती। क्या इस पत्रकार को इंसाफ मिलेगा?”
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि जीवेश मिश्रा पर पहले से ही नकली दवा बेचने के मामले में FIR दर्ज है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने उन्हें कैबिनेट में जगह दी। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जब मुख्यमंत्री जाले विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे थे, तभी मंत्री मिश्रा ने पत्रकार धीरज पर जानलेवा हमला करवाया। उन्होंने कहा—“यह साफ हो गया है कि बिहार में पूरी तरह अराजकता है। ऐसा माहौल 2005 से पहले देखने को मिलता था। आज वही जंगलराज फिर लौट आया है।”
तेजस्वी यादव ने ऐलान किया कि वे दरभंगा जाकर पीड़ित पत्रकार को अपने साथ थाने ले जाएंगे और मंत्री मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज कराएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक मंत्री स्तर का व्यक्ति खुलेआम पत्रकार को गाली देता है और मारता है, तो राज्य की पुलिस और प्रशासन क्यों चुप है?
वहीं, तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा—“आज बिहार में पूरी तरह जंगलराज है। पुलिस गरीबों को फर्जी मामलों में पकड़कर जेल भेज रही है, वहीं मंत्रियों और नेताओं के अपराध पर पर्दा डाला जा रहा है। क्या यही सुशासन है? क्या यही लोकतंत्र है?” उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और अगर पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा?
इधर, तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार आ रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे तत्काल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री को निर्देश दें कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा—“हम प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि जीवेश मिश्रा को मंत्री पद से बर्खास्त कर जेल भेजा जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह साफ हो जाएगा कि बिहार में दो तरह के कानून चल रहे हैं—एक गरीबों के लिए और दूसरा सत्ता में बैठे नेताओं के लिए।”