UPSC CSE 2026: सिर्फ एक गलती और सब बर्बाद! IAS-IPS सर्विस प्रेफरेंस भरते समय न करें यह भूल, पहले जान लें नया नियम

UPSC CSE 2026 का फॉर्म भरते समय एक छोटी सी गलती आपका पूरा करियर बदल सकती है। खासकर सर्विस प्रेफरेंस का कॉलम, जहां एक गलती भविष्य में पछतावे की वजह बन सकती है। नए नियमों के बाद यह फैसला पहले से भी ज्यादा अहम हो गया है। आइए जानते हैं क्या है सही तरीका।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 23 Feb 2026 04:46:41 PM IST

UPSC CSE 2026: सिर्फ एक गलती और सब बर्बाद! IAS-IPS सर्विस प्रेफरेंस भरते समय न करें यह भूल, पहले जान लें नया नियम

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UPSC CSE 2026 Service Preference: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 का फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देना होता है। इनमें सबसे अहम है सर्विस प्रेफरेंस। IAS, IPS, IFS समेत कुल 23 सेवाओं में से अपनी पसंद के अनुसार क्रम तय करना होता है। एक छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी बन सकती है, क्योंकि चयन के बाद रैंक के आधार पर उसी क्रम में सेवा आवंटित की जाती है।


क्या बदले हैं UPSC के नए नियम?

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने इस बार सिविल सेवा परीक्षा में सर्विस प्रेफरेंस से जुड़े कुछ अहम बदलाव किए हैं:

  1. IPS में चयन होने के बाद उम्मीदवार दोबारा IPS को प्रेफरेंस में शामिल नहीं कर सकता।
  2. IAS या IPS अलॉट होने पर रैंक सुधारने के लिए पहले सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।
  3. IPS या अन्य ग्रुप ‘A’ सेवा मिलने पर रैंक सुधारने का केवल एक अवसर मिलेगा।
  4. IFS में चयनित उम्मीदवार दोबारा परीक्षा नहीं दे सकते, जब तक वे पद से इस्तीफा न दें।
  5. चयन के बाद सेवा जॉइन न करने या ट्रेनिंग पूरी न करने पर आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।
  6. नई सेवा मिलने पर पहले की सेवा स्वतः रद्द हो जाएगी।

इन नियमों के चलते अब सर्विस प्रेफरेंस भरना पहले से ज्यादा गंभीर निर्णय बन गया है।


क्या होती है सर्विस प्रेफरेंस?

UPSC CSE के आवेदन फॉर्म में उम्मीदवारों को 1 से 23 तक सेवाओं का क्रम भरना होता है। पहली पसंद से लेकर अंतिम पसंद तक स्पष्ट रूप से बताना होता है कि कौन-सी सेवा किस प्राथमिकता पर चाहिए।

रिजल्ट आने के बाद उम्मीदवार की रैंक के अनुसार उसी क्रम में सेवा आवंटित की जाती है। इसलिए यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि करियर का निर्णायक चरण है।


डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने क्या दी सलाह?

प्रसिद्ध शिक्षक Dr. Vikas Divyakirti ने अपने यूट्यूब चैनल ‘दृष्टि आईएएस’ पर सर्विस प्रेफरेंस को लेकर विस्तार से समझाया है। उनका कहना है कि कई छात्र इस कॉलम को बेहद सोच-समझकर भरते हैं, जबकि कुछ उम्मीदवार इसे रेंडम तरीके से भर देते हैं।


उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक अभ्यर्थी ने सरकार की सूची में दिए गए क्रम के अनुसार ही प्रेफरेंस भर दी। परिणाम यह हुआ कि उसे वही सेवा मिल गई जो सूची में ऊपर दर्ज थी, भले ही उसकी रैंक किसी अन्य सेवा के अनुरूप थी।


उदाहरण के तौर पर, इंडियन कॉरपोरेट लॉ सर्विस (ICLS) सूची में IRS से ऊपर दर्ज होती है। यदि कोई उम्मीदवार इसी क्रम को बिना सोचे-समझे भर देता है, तो उसे IRS स्तर की रैंक आने के बावजूद ICLS मिल सकती है। बाद में प्रयास समाप्त होने पर उसी सेवा में बने रहना पड़ सकता है।


अपने स्वभाव के अनुसार चुनें सेवा

विशेषज्ञों का मानना है कि सर्विस प्रेफरेंस भरते समय केवल प्रतिष्ठा या लोकप्रियता को आधार नहीं बनाना चाहिए।

  1. IPS में पुलिसिंग का स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और जोखिम उठाने की मानसिकता जरूरी होती है।
  2. IFS अधिकारी के रूप में जीवन का बड़ा हिस्सा विदेशों में बीत सकता है।
  3. प्रशासनिक कार्य, फील्ड वर्क, नीति निर्माण या कूटनीति — किस क्षेत्र में आपकी रुचि है, यह पहले तय करें।

सही प्राथमिकता तय करने के लिए अपनी दीर्घकालिक सोच, जीवनशैली और करियर लक्ष्य को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।


आवेदन की अंतिम तिथि और महत्वपूर्ण तारीखें

UPSC सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन (CSE) 2026 और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी 2026 है। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर शाम 6:00 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।

  1. नोटिफिकेशन जारी: 4 फरवरी 2026
  2. ऑनलाइन आवेदन शुरू: 4 फरवरी 2026
  3. प्रीलिम्स परीक्षा: 24 मई 2026
  4. मेन्स परीक्षा: 21 अगस्त 2026 से


डेडलाइन नजदीक है, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।