1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Mon, 23 Feb 2026 05:49:40 PM IST
भगदड़ के दिन की तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News: मेला में भगदड़ हुई, सात लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश हुई, दो सालों बाद आरोपितों में एक अधिकारी को सिर्फ निंदन की सजा मिली है. भगदड़ मामले में जिलाधिकारी ने जिस एसडीओ को जिम्मेदार बताया था उन पर लगे आरोप आंशिक प्रमाणित हुए. वैसे तत्कालीन अनुमंडल पदधिकारी आज भी दूसरे अनुमंडल में एसडीओ के पद पर ही पदस्थापित हैं.
बराबर पहाड़ी पर सात लोगों की हुई थी मौत...
जहानाबाद के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, वर्तमान में भागलपुर सदर के अनुमंडल पदाधिकारी हैं. इनके खिलाफ जहानाबाद में पदस्थापन के दौरान वानावर श्रावणी मेला में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के झूला लगाने की अनुमति देने, मेला परिसर की विधि व्यवस्था का संपूर्ण प्रभार होने के बाद भी प्रतिनियुक्ति स्थल से अनुपस्थित रहने के आरोप थे. 12 अगस्त 2024 को बराबर पहाड़ी स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण के पास स्थानीय दुकानदार एवं श्रद्धालुओं के बीच विवाद हुआ था. जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई थी. जिसमें सात श्रद्धालुओं की मौत और कई घायल हुए थे. इस संबंध में जिलाधिकारी जहानाबाद ने एसडीओ विकास कुमार के खिलाफ 20 अगस्त 2024 को कार्रवाई को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र भेजा था.
भगदड़ मामले में एसडीओ को निंदन की सजा
जिलाधिकारी जहानाबाद की रिपोर्ट पर 26 सितंबर 2024 से अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गई. राजस्व पर्षद के अपर सदस्य सह जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था. इन्होंने 16 दिसंबर 2025 को अपना रिपोर्ट दिया. जिसमें पांच आरोपों को अप्रमाणित बताया और एक आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित बतायागया. संचालन पदाधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने एसडीओ से इस पर लिखित जवाब मांगा. समीक्षा में पाया गया कि मेला में छोटा झूला लगाने के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने से पहले ही एसडीओ ने इसकी अनुमति दे दी थी. इस आलोक में जहानाबाद के तत्कालीन एसडीओ विकास कुमार को निंदन की सजा दी गई है.